
बता दें कि कोर्ट ने कहा कि तथ्यों का पता लगाने के लिए दिल्ली की विशेषज्ञ टीम एक बार फिर शवों का पोस्टमार्टम कर सकती है। चारों आरोपियों के शवों का पहले पोस्टमार्टम 6 दिसंबर को महबूबनगर जिले के गांधी अस्पताल में किया गया था। कोर्ट ने अस्पताल प्रशासन से शवों की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी थी, रिपोर्ट मिलने के बाद कोर्ट ये आदेश दिया है।
वहीं हैदराबाद के गांधी अस्पताल के वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर ने चिंता जताई थी कि शवों को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकेगा। कई सप्ताह से रखे इन शवों में अब सड़न पैदा होने लगी है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अदालत से मांग की थी कि वह शवों के संबंध में शीघ्र कोई निर्देश दे।इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच का आदेश दे दिया था। कोर्ट ने तीन सदस्यीय कमेटी का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वीएस सिरपुरकर को बनाया है। कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक कोई दूसरी कोर्ट या प्राधिकरण इस मामले में पूछताछ नहीं करेगा। कोर्ट ने मामले की जांच 6 महीने में पूरा करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि हैदराबाद के शादनगर में पशु चिकित्सक के साथ मदद के बहाने पहले आरोपियों ने गैंगरेप किया और फिर उस पर तेल छिड़ककर जिंदा जला दिया था जिसका शव फ्लाईओवर के नीचे मिला था। पुलिस ने दावा किया था कि इन चारों आरोपियों को नेशनल हाईवे 44 पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए ले जाया गया था। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की थी और पुलिस का हथियार लेकर वर्दी पर हमला किय जिसके बाद पुलिस ने उनपर गोलियां चला दी थी। इस मुठभेड़ में चारों आरोपियों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
