
देहरादून: देर रात को पटेलनगर थाने के मोहब्बेवाला में ऐसा ही नजारा था। युवक शराब पीता रहा और बच्ची को घुमाता रहा। इस बीच बाइक से टकराने पर बच्ची सड़क पर गिर गई। उसे चोट लगी, वो तड़फती रही, लेकिन किसीने भी बच्ची को नहीं उठाया। पुलिस को फोन किया। पुलिस ने पहुंचने में 20 मिनट से ज्यादा वक्त लगा दिया।
बच्ची लगातार बिलखती रही, लेकिन आरोपी मदद को आए लोगों को धमकाता रहा। दो कॉल करने के बाद भी पुलिस ने आने में बीस मिनट का समय लगा दिया। पहले एक सिपाही आया तो वो भी शराबी के आगे बेबस नजर आया। बाद में दूसरा सिपाही ऑटो से वहां पहुंचा, तब जाकर हंगामा कर रहे शराबी को बेटी के साथ पुलिस अपने साथ ले गई।
इसी बीच बाइक से टकराने के कारण बच्ची शराबी पिता के हाथ से छुटकर सड़क पर जा गिरी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पास के होटल में काम करने वाला गार्ड मदद को आगे आया। गार्ड ने बच्ची को उठाया तो वह बिलखती रही। पहले ऐसा लगा कि शायद आरोपी बच्चा चोर है, लेकिन बच्ची ने जब पापा कहकर बुलाया तो लोगों को पूरी बात समझ आई। लेकिन, इस घटना से इतना साफ हो गया कि लोग अपनी संवेदनाएं भूल चुके हैं।