
देहरादून : देहरादून के कार्तिकेय जोशी ने पीसीएस जे की परीक्षा में परचम लहराया और तीसरा स्थान प्राप्त किया. बेटे की इस बड़ी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है. बधाई देने वालों का घर में तांता लगा हुआ है. माता-पिता के चेहरे पर अलग ही नूर नजर आ रहा है.
पीसीएस जे में तीसरा स्थान
बता दें कि पीसीएस जे में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले दून यमुना कॉलोनी निवासी कार्तिकेय जोशी ने ये परीक्षा पहले ही बारी में पास की। कार्तिकेय पिछले साल नेट-जेआरएफ में भी अपनी मेहनत की बदौलत कामयाबी का झंडा गाड़ चुके हैं।
पिता पीके जोशी वित्त निदेशक के पद से रिटायर
मिली जानकारी के अनुसार कार्तिकेय के पिता पीके जोशी वित्त निदेशक के पद से रिटायर हैं और मां गृहणी हैं। जबकि बहन ज्योत्सना उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में समीक्षा अधिकारी हैं। कार्तिकेय ने साल 2009 में 94.8 प्रतिशत अंकों के साथ ब्राइटलैंड्स स्कूल से 10वीं की और इशके बाद आइसीएसई को छोड़कर सीबीएसई बोर्ड से साल 2011 में चिल्ड्रन्स एकेडमी से 80प्रतिशत अंकों के 12वीं की। कार्तिकेय को विधि क्षेत्र में काफी दिलचस्पी थी इसलिए इसके बाद उन्होंने सिम्बायोसिस से बीबीए-एलएलबी किया औऱ नेशनल लॉ स्कूल बैंगलुरु से एलएलएम किया।
क्योंकि मंजिल कोई और थी
वहीं इसके बाद कार्तिकेय ने मुम्बई में जेएम फाइनेंशियल में सीनियर एनालिस्ट के पद पर नौकरी की। लेकिन उन्होंने अच्छी खासी सैलरी की नौकरी को छोड़ दी क्यों मंजिल कुछ और ही थी. उड़ान कहीं और की ही भरनी थी। इसके बाद उन्होंने पीसीएस (जे) की तैयारी की और तीसरा स्थान प्राप्त कर एक बार फिर से अपनी सफलता के झंडा गाड़ा।
किताबों को दोस्त बनाए युवां- कार्तिकेय
वहीं युवाओं को उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि युवा किताबों को अपना दोस्त बनाएं। किताबों में ही सबकुछ है और यही आपको सफलता की राह दिखाती हैं। बताया कि वो परीक्षा के लिए रोजाना 8-10 घंटे पढ़ते थे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी थी।
https://youtu.be/23Yv_PE9HXs