
नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन बिल को लेकर भले ही संसद से लेकर देशभर में संग्राम मचा हो, लेकिन 2011 में पाकिस्तान से भारत आई आरती को इस बिल उसके सपनों के साकार होने जैसी खुशी है। आरती दिल्ली के मंजनू टिला इलाके में रहती है। उसने अपने दुधमुंही बच्ची का नाम ही नागरिकता रख दिया। 2011 में पाकिस्तान से यह हिंदू महिला भारत आई थी। अभी तक इसे भारत की नागरिकता नहीं मिल पाई है।
आरती की मानें तो वो संसद और नागरिकता (संशोधन) विधेयक के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानती हैं, लेकिन बस इतना पता है कि यह विधेयक हमें भारत का नागरिक होने का कानूनी हक दिला सकता है। वो चाहती हैं कि विधेयक पास हो जाए। इसके साथ कहा कि उसके पास करने के लिए और कुछ नहीं है। बस वो अपनी नवजात बेटी का नाम नागरिकता रख सकती है और उसने नाम नागरिकता रख दिया।