
देहरादून: नाकरिकता संशोधन बिल लोकसभा से पास हो चुका है। हालांकि इसके विरोध में देश के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन भी हो रहा है, लेकिन नागरिकता संशोधन बिल के पास होने के बाद उत्तराखंड में रह रहे बंगाली समाज के लोगों की उम्मीद को भी पंख लगे हैं। बंगाली समाज के लोग दशकों से ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर में रहे रहे हैं, वो खुद को भारतीय नागरिक मानते हैं, लेकिन उनको आज तक आधिकारिक रूप से माना नहीं गया है। इनको जारी होने वाले प्रमाण पत्र में आज भी इनके साथ पाकिस्तान जुड़ा हुआ है। जिसमें पहले संशोधन किया गया था, लेकिन अब फिर से पूर्व पाकिस्तानी-बांग्लादेशी शब्द जोड़ा जा रहा है।
बंगाली समुदाय के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तानी, बांग्लादेशी शब्द लिखा जाता रहा है, जिसका बंगाली समुदाय के लोगों ने विरोध भी किया था। दिनेशपुर के धर्मनगर गांव में बंगाली समाज के लोगों का कहना था कि उनका और उनके पिता और दादा का जन्म भारत में ही हुआ। वो खुद को भारतीय मानते हैं, फिर उनके नाम के साथ पूर्व पाकिस्तानी-बांग्लादेशी क्यों लिखा जाता है। बंगाली समाज के लोग आरक्षण की मांग भी कर रहे हैं।
नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद बंगाली समाज के लोगों को उम्मीद है कि इससे स्थितियां बदलेंगी और उनको आरक्षण का लाभ मिलेगा। पूर्व पाकिस्तानी-बांग्लादेशी शब्द भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। युवाओं का कहना है कि पूर्व पाकिस्तानी-बांग्लादेशी कहने से उनको शर्म महसूस होती है। लोग उनको घुसपैठिया भी साबित करना चाहते हैं।