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उत्तराखंड के 11 साल के अद्वैत का करिश्मा, पेट्रोल ना डीजल, हवा से चलेगी बाइक

Breaking uttarakhand newsदेहरादून : उत्तराखंड के महज 11 साल के बच्चे अद्वैत ने वो काम कर दिखाया है जो आज तक बड़े बड़े इंजीनीयर नहीं कर पाए इसके लिए उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी उन्हें सम्मानित किया है।

जी हां आपको बता दें कि देहरादून में 6वीं कक्षा के छात्र अद्वैत ने हवा से चलने वाली बाइक तैयार की है।जी हां सही सुना आपने हवा से चलने वाली बाइक. देहरादून के अद्वैत ने पेट्रोल-डीजल या बैट्री से नहीं बल्कि हवा चलने वाली बाइक बनाई है जिससे अब हर वाहन चालक की परेशानी हल हो जाएगी।

प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद

बता दें कि देहरादून के अद्वैत ने बाइक में टायरों में भरी जाने वाली हवा का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया। छात्र का कहना है कि उसकी इस बाइक से प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। ऐसी बाइक बनाने के आइडिया के बारे में अद्वैत ने बताया कि एक दिन वह अपने भाई के साथ गुब्बारा फुला रहा था तो एक हवा से भरा गुब्बारा गिर गया और दौड़ने लगा। अद्वैत को विचार आया कि जब हवा से गुब्बारा भाग सकता है तो बाइक क्यों नहीं।

महज 11 साल के उम्र में कर दिखाया करिश्मा

उन्होंने अपने पिता की मदद से पेट्रोल और डीजल इंजन पर प्रयोग किए लेकिन असफल रहे। इसके बाद उन्होंने एक नया इंजन तैयार करने की योजना बनाई। कई महीने की मेहनत के बाद वह ऐसा इंजन तैयार करने में कामयाब रहे, जो पूरी तरह हवा से चलता है। अद्वैत महज 11 साल के हैं जो की कक्षा 6 में पढ़ते हैं इतनी छोटी सी उम्र में उन्होंने ये करिश्मा कर दिखाया है जिससे प्रदेश का नाम रोशन हुआ है. सोशल मीडिया पर भी अद्वैत औऱ उनकी हवा से चलने वाली बाइक छाई हुई है।

वहीं बता दें कि अद्वैत ने इस बाइक को O2 नाम दिया गया है। इसकी खासियत यह है कि इसके दोनों तरफ दो गैस टैंक लगे हुये हैं जिसकी मदद से यह बाइक चलती है। इससे न तो ध्वनि प्रदूषण होगा औऱ न ही वायु प्रदूषण।

अद्वैत ने बताया कि यह एक प्रोटोटाइप इंजन है, जिसको वह ऑटो कंपनियों के साथ मिलकर बेहतर बाइक के रूप में बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि बाइक की लागत, माइलेज और प्रति किमी खर्च का अभी आंकलन नहीं किया गया है।

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