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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता भाई से बोली थी- भइया क्या में बच जाऊंगी, आरोपियों को छोड़ना मत

Breaking uttarakhand news95 फीसद जली उन्नाव रेप पीड़िता आज जिंदगी की जंग हार गई. देर रात शुक्रवार को सफदरजंग अस्पताल में 11.40 पर पीड़िता ने अंतिम सांस ली. बता दें कि इसी साल मार्च में पी़ड़िता के साथ गैंगरेप हुआ था और जब उसे आग के हवाले किया उस दौरान पीड़िता सुनवाई के लिए कोर्ट जा रही थी. वहीं सभी आरोपियों की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

भइया क्या में बच जाउंगी। मैं जीना चाहती हूं-रेप पीड़िता

वहीं मृतका के भाई ने खुलासा करते हुए बताया कि वह सफदरजंग अस्पताल में उसकी बहन ने बड़े भाई से पूछ रही थी कि भइया क्या में बच जाउंगी। मैं जीना चाहती हूं। आरोपितों को छोड़ना नहीं है।

डॉक्टर ने दी जानकारी

सफदरजंग अस्पताल की बर्न यूनिट में पीड़िता का इलाज कर रहे बर्न एंड प्लास्टिक डिपार्टमेंट के हेड डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि उसे शुक्रवार रात 11:10 बजे कार्डियक अरेस्ट हुआ और उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह बच नहीं पाई और रात 11:40 बजे उसकी मौत हो गई। गंभीर रूप से जल जाने के कारण उनके कई अंग काम नहीं कर रहे थे।

भाई ने कहा, दरिंदों को मौत की सजा मिले

दोपहर में मीडिया से बातचीत में पीड़िता के भाई ने कहा कि हैदराबाद में गुनाहगारों को सजा मिल चुकी है। उनकी बहन से दरिंदगी करने वालों को भी मौत की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस उनकी मदद कर रही है। बस, बहन जल्दी से ठीक हो जाए। भाई के अलावा पीड़िता की मां भी दिल्ली आई थीं, लेकिन वह काफी परेशान हो रही थीं इसलिए उन्हें शुक्रवार को घर भेज दिया गया।

चाहते हैं हैदराबाद जैसा इंसाफ

 बेटी के माता-पिता भी हैदराबाद एनकाउंटर की तरह ही इंसाफ की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि  मेरी बेटी भी उन्हीं हालात से गुजरी है। उसके गुनहगारों को भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए। ऐसा सबक सिखाने से ही हैवानियत रुकेगी। ऐसी कार्रवाई ही वहशियों में खौफ पैदा करेगी। अब देखना यह होगा कि क्या उन्नाव की इस बेटी को भी इसी तरह इंसाफ मिल पाएगा या नही, ये तो आने वाले दिनों में ही मालूम हो पाएगा।

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