
देहरादून: प्रदेश में कई स्कूल आज भी ऐसे हैं, जिनका अपना भवन तक नहीं है। बच्चे या तो गांव के किसी भवन में चल रहे हैं या फिर खुले आसमान के नीचे ही पढ़ने को मजबूर हैं। कुछ स्कूल भवनों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। ऐसे भवनों को स्कूल संचालन के लिए अयोग्य माना गया है। लेकिन, अब प्रदेश सरकार ने तय किया है कि 2022 तक हर स्कूल को भवन मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 2022 तक सभी स्कूलों को भवन, फर्नीचर, पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। प्रदेश में 50 ऐसे विद्यालय हैं, जिनके पास अपने भवन नहीं हैं। इसी तरह प्रत्येक स्कूल में फर्नीचर, शौचालय, पेयजल आदि की व्यवस्था भी की जानी है। इसके लिए होमवर्क किया जा रहा है और राज्य वित्त के अतिरिक्त, नाबार्ड से भी मदद ली जाएगी।