
देहरादून (मनीष डंगवाल): उत्तराखंड में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मंत्री बनते ही शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया था। शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के फैसले का कड़ा विरोध किया और मंत्री को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। लेकिन, अब शिक्षा विभाग ने एक और फैसला लिया है। शिक्षकों को स्कूल जाने के लिए गले में आईकार्ड टांगना अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षकों को ड्रैस से तो पीछा छूट गया, लेकिन आईकार्ड उनके गले पड़ गया।
शिक्षकों के लिए अब आईकार्ड पहनकर स्कूलों में आना अनिवार्य हो जाएगा। इस नियम को अगले महीने से उत्तराखंड के सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। शिक्षकों ने भले ही प्रदेश सरकार के तय किए गए ड्रेस कोड को न अपनाया हो, लेकिन केंद्र सरकार के तय किए गए आईकार्ड को पहनकर स्कूलों में हर हाल में आना ही होगा।
इसके लिए केंद्र सरकार ने बकायदा राज्य सरकार को बजट भी जारी कर दिया है। शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रत्येक शिक्षक के आईकार्ड के लिए केंद्र सरकार ने 50 रुपये भेजे हंै। शिक्षा विभाग में कार्यकरत 36 हजार शिक्षकों के लिए 18 लाख का बजट मिल चुका है। आईकार्ड में शिक्षक का पद नाम, स्कूल के नाम के साथ कर्मख्चारी संख्या (इंप्लाॅय कोड) के साथ कई अन्य जानकारियां भी होंगी।