उत्तराखंड के Mohammad Deepak Kumar को हरियाणा के मंत्री का तोहफा!, इनाम की घोषणा

हाल ही में उत्तराखंड के कोटद्वार (Kotdwar) में एक मुस्लिम बुजर्ग की दुकान के नाम से बाबा शब्द (Kotdwar Baba Shop Name Controversy) हटाने को लेकर बजरंग दल के समर्थकों ने हंगामा खड़ा किया था। इसी बीच बुजुर्ग के लिए बजरंग दल से अकेले भिड़ने वाले दीपक कुमार(Mohammad Deepak Kumar) काफी खुर्खियों में रहे। इसी को लोकर हरियाणा के मंत्री दीपक से काफी प्रभावित हुए और उनकी तारीफ में कसीदे भी पढ़े। सोशल मीडिया पर हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने लंबा चौड़ा पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने दीपक उर्फ मोहम्मद दीपक के लिए इनाम की राशी देने की भी घोषणा की।
उत्तराखंड के Mohammad Deepak Kumar को हरियाणा के मंत्री का तोहफा!
सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट कर उन्होंने दीपक को मोहब्बत और एकता की मिसाल बनने के लिए इनाम के तौर पर बतौर दो लाख रूपए देने का ऐलान किया। उन्होंने दीपक और मुस्लिम बुजुर्ग की AI जेनरेटेड फोटो साझा कर दीपक को सच्चा हिंदुस्तानी कहा।
उत्तराखंड के दीपक को कहा सच्चा हिंदुस्तानी
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “देश में जब नफ़रत का ज़हर फैलाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं, ऐसे समय में उत्तराखंड के दीपक ने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत की जो मिसाल पेश की है, उसने पूरे हिंदुस्तान को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दीपक, जिन्होंने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ रखा, उनके इस जज़्बे, साहस और दिलेरी को झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने खुले दिल से सलाम किया है।”
इरफान अंसारी ने साफ कहा, “मैं पहले भी कह चुका हूं, हमारी लड़ाई किसी हिंदुस्तानी से नहीं है। हमारी लड़ाई उस ब्रिटिश सोच से है, जिसने हमारे पूर्वजों को बेरहमी से कुचला, मारा और गुलामी की ज़ंजीरों में जकड़ दिया। दीपक ने आज़ादी के उसी असली मायने और उस संघर्ष की भावना को आज फिर ज़िंदा कर दिया है।”
दो लाख के इनाम की घोषणा
अंसारी ने अपने चार महीनों के वेतन में से ₹2,00,000 दीपक को देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “राशि भले ही छोटी हो, लेकिन ये दीपक के हौसले को सलाम है और उनके मनोबल को मज़बूती देगी। यह एक साफ़ संदेश है कि हिंदुस्तान की आत्मा नफ़रत नहीं, बल्कि मोहब्बत है।”
दुकान से बाबा शब्द हटाने का दबाव बना रहे थे़
बताते चलें कि उत्तराखंड के कोटद्वार में बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर के नाम से एक बुजुर्ग मुस्लिम वकील अहमद की दुकान है। 26 जनवरी को कुछ लोगो ने उनकी दुकान से बाबा (Kotdwar Baba Shop) शब्द हटाने का दबाव बनाया। इसी दौरान दीपक बीच बचाव में खड़े हुए। गर्म माहौल के बीच जब बुजुर्ग को बचाने के दौरान भीड़ ने उनका नाम पूछा तो उन्होंने खुद को मोहम्मद दीपक बताया। इसी की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिसके बाद वो इंटरनेट में चर्चा का विषय बन गए।