
उधम सिंह नगर (मोहम्मद यासीन) : उधमसिंह नगर के जसपुर में पुलिस का इंसानियत भरा चेहरा भी सामने आया है। जहां देश में कोरोना जैसे महामारी से बचाव के लिये देश को लॉक डाउन किया गया है जिसमे कई असहाय लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इस मुसीबत की घड़ी में एक परिवार के लिये उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत एक महिला दारोगा ऐसे ही एक परिवार के लिये फ़रिश्ता बनी है। जिसने आधा दर्जन लोगों के परिवार को गोद ले कर अपनी निजी सैलरी से लॉक डाउन रहने तक रोजमर्रा की चीजों सहित पूरा भरण पोषण उठाने का जिम्मा लिया है। महिला दरोगा के इस सराहनीय कदम ने खाकी की परिभाषा को बदल कर रख दिया है। महिला दारोगा द्वारा उठाये इस कदम की हर कोई तारीफ़ कर रहा है।
महिला दारोगा ने उठाया परिवार का जिम्मा
आपको बता दें कि कोरोना योद्धा भूमिका पांडेय ने अनेकों भूखे लोगों का पेट भरने का वादा ही नही किया, बल्कि इन्होंने वास्तव में ऐसे ज़रूरतमंद परिवार का खर्च अपनी सैलरी से उठाने का बीड़ा उठाया है। महिला दारोगा ने जब तक लॉक डाउन रहेगा तब तक इस वास्तविक ज़रूरतमंद परिवार का हर खर्च उठाने का जिम्मा उठाया है।
दारोगा ने परिवार की जिम्मेदारी ली, परिवार में लोग
बता दें कि यह परिवार जसपुर के कलियाँवाला के रहने वाला है, इस परिवार में पति-पत्नी ओर बुजुर्ग पिता समेत 3 छोटे बच्चे भी हैैं। लॉकडाउन की वजह से इस परिवार के मुखिया की नौकरी चले जाने से इनके सामने रोजी रोटी का संकट आ गया था। जिसके बाद ड्यूटी के दौरान जब इस परिवार से एस आई भूमिका मिली तो उन्होंने इस परिवार के साथ ही अन्य चार परिवारों के भरण पोषण की जिम्मेदारी लेकर मिशाल कायम की है।
कुछ की वजह से खाकी बदनाम, लेकिन कई कर रहे मानवता की मिसाल कायम
गरीब परिवार ने इसके लिये महिला दरोगा का धन्यवाद किया और इस कदम की प्रशंसा भी की है।चंद पुलिसकर्मियों की वजह खाकी बदनाम है लेकिन पुलिस विभाग में ऐशे अधिकारी कर्मचारी भी हैं जो मानवता की मिसाल कायम कर रहे हैं और खाकी का मान बढ़ा रहे हैं। अगर महिला दारोगा भूमिका की तरह हर सक्षम व्यक्ति एक वास्तविक परिवार का लॉकडाउन तक हर खर्च उठा ले तो सारी दिक्कत दूर हो सकती है। तो आप भी कर सकते है किसी की मदद तो जरूर करें।