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उत्तराखंड : फ्री बिजली-पानी का तो पता नहीं, लेकिन मुफ्त में कोरोना दे गए अरविंद केजरीवाल!

arvind kejriwal

देहरादून : उत्तराखंड में चुनाव की सरगर्मियां तेज है। जल्द आचार संहिता लगने वाली है इसलिए पार्टियां पूरा दमखम लगा रही हैं। आप भी इस बार मैदान में है। वो पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने और राज्य की जनता से आप को एक मौका देने की अपील कर गए लेकिन इसी के साथ वो उत्तराखंड में हड़कंप भी मचा गए।

जी हां बता दें कि 3 जनवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल देहरादून आए थे। उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया था। उनकी रैली हड़कंप मचा गई और कइयों में खौफ पैदा कर गई। अरविन्द केजरीवाल ने राज्य की जनता को ना तो फ्री बिजली दी…ना ही फ्री योजनाओं का पिटारा. अगर वो कुछ दे गए तो वो है कोरोना और उसका खौफ। बता दें कि देहरादून से लौटने के बाद अरविन्द केजरीवाल कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उससे आप पार्टी में हड़कंप मच गया है. उनसे सम्पर्क में आए सभी क्वारंटाइन हैं और सभी ने जांच कराई है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। लेकिन केजरीवाल की इस रैली से सवाल खड़े हो रहे है….और राजनीतिक दल भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का खांसी से पुराना नाता रहा है लेकिन 3 जनवरी को देहरादून में आम आदमी पार्टी की पहली चुनावी रैली को सम्बोधित करने आए केजरीवाल की ये खांसी आलोचना का सबब बन गई है…. असल में इन सब बातों से हम आपको वाकिफ इसलिए कराना चाहते है क्योंकि देहरादून आए अरविन्द केजरीवाल हमेशा राज्य की जनता को कभी फ्री बिजली, तो कभी महिलाओं के लिए फ्री प्रतिमाह वेतन देने का लॉलीपोप देने तो ज़रुर आए लेकिन जाते जाते राज्य की जनता को फ्री में कोरोना ज़रुर बांट गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक के कोरोना पॉज़िटिव आने के बाद तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं..कई लोग ये भी कह रहे हैं कि जब कोरोना के लक्षण थे तो केजरीवाल रैली करने देहरादून आखिर क्यों आएं.?

परेड मैदान में अरविंद केजरीवाल का भाषण शुरु हुआ तो थोड़ी देर बाद ही उन्हें खांसी आने लगी. लगातार केजरीवाल अपनी खांसी पर काबू करने की कोशिश करते नज़र आए. पहले तो लोगों को लगा कि शायद तेज़ आवाज़ में बोलने से ऐसा है लेकिन धीरे-धीरे लोगों को उनकी खांसी खटकने लगी.रैली के अगले दिन जैसे ही अरविंद केजरीवाल ने खुद के कोविड पॉज़िटिव होने को लेकर ट्वीट किया तो लोगों को केजरीवाल की खांसी का मतलब समझ आने लगा. इसके बाद राजनीतिक हलकों में ये सवाल तैरने लगा कि जब केजरीवाल खुदको स्वास्थ नहीं महसूस कर रहे थे और उन्हें कोरोना के लक्षण थे. तो वो रैली को सम्बोधित करने आखिर क्यों आएं. इसको लेकर राजनीतिक दल भी अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है.

फिलहाल उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव में जुटी केजरीवाल की पूरी टीम आइसोलेशन में हैं. सीएम प्रत्याशी कर्नल कोठियाल से लेकर उनके संपर्क में आए सभी नेताओं ने अपनी आरटीपीसीआर जांच कराई है. रिपोर्ट बुधवार को आनी है….अब अरविन्द केजरीवाल का ये दौरा कितने लोगों पर भारी पड़ेगा ये तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।

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