महंगाई का विस्फोट! 8.30% पर पहुंची थोक महंगाई, सालों का टूट गया रिकॉर्ड WPI April 2026

WPI April 2026: देश में महंगाई बढ़ती जा रही है। अप्रैल 2026 में देश की थोक महंगाई दर यानी कि WPI की बात करें तो वो बढ़कर 8.30 फीसदी हो गई है। तो वहीं मार्च में WPI केवल 3.88 फीसदी थी। बता दें कि ये 42 महीनों में यानी की साढ़े तीन साल में सबसे ऊंचा स्तर है। इसका असर आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजों की कीमत में देखने को मिल सकता है।
8.30% पर पहुंची थोक महंगाई WPI April 2026
अप्रैल 2026 में देश की थोक महंगाई दर WPI 8.30 फीसदी हो गई है। इस बढ़ोतरी में ईंधन सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा है। जहां मार्च में Fuel & Power .05 फीसदी थी। तो वहीं ये उछलकर अप्रैल के महीने में 24.71 फीसदी तक चली गई। कच्चे तेल की थोक महंगाई 88 फीसदी दर्ज हुई है।
Fuel & Power सेक्टर ने बिगाड़ा खेल
पेट्रोल की कीमतों में 32.40 फीसदी, डीजल में 25.19 फीसदी और एलपीजी की कीमतों में 10.92 फीसदी की बढ़ोतरी के चलते महंगाई के दबाव को और बढ़ा दिया है। ये आंकड़े साफ दर्शाते है कि आम लोगों पर अब और महंगाई की मार पढ़ने वाली है।
सालों का टूट गया रिकॉर्ड
आसान भाषा में चलिए आंकड़ों से पूरी चीज समझते है। जैसा की आप जानते है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसका असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। ये असर इन आंकड़ों में भी नजर आ रहा है।
प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई मार्च में 6.36 फीसदी थी। जो अब बढ़कर अप्रैल में 9.17 फीसदी हो गई। तो वहीं मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स में महंगाई 3.39 फीसदी थी। जो बढ़कर 4.62 फीसदी रही।
राहत देने वाली बात
Core WPI यानी खाने और ईंधन को छोड़ दिया जाए तो बाकी चीजों की महंगाई पांच पर्सेंट पर पहुंच गई है। ये 43 महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है। मार्च में ये 3.7 फीसदी था। हालांकि अच्छी बात ये रही कि खाने पीने की चीजें ज्यादा महंगी नहीं हुई है। Food Inflation मार्च में जहां 1.85 फीसदी था। तो वहीं अप्रैल में ये बढ़कर 2.31 फीसदी था। थोक बाजार में प्याज और आलू के दाम अभी भी बीते साल से काफी कम है।