तबाही और हमलों के बीच अपनों के सुरक्षित लौटने की चिंता, अब तक इतनों की वापसी

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध का आज आठवां दिन है, जिस दिन से युद्ध शुरू हुआ है, हर तरफ पर तबाही ही तबाही नजर आ रही है। तबाही के मंजर का गवाह 752 लोगों की मौत और कई शहरों का बदला नक्शा है। युद्ध की दहशत में 10 लाख से ज्यादा लोग अपने आशियाने छोड़ पड़ोसी मुल्कों में पनाह लिए हुए है। भारत के कई नागरिक अब भी मदद का इंतजार कर रहे हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग का आज 7वां दिन है। वक्त के साथ हालात हर दिन और बुरे होते जा रहे हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस लगातार कब्जे करने के लिए जोरा लगा रहा है। खारकीव को लगभग तबाह कर दिया हैं। खारकीव वहीं शहर है, जहां भारत के भी कई नागरिक फंसे हुए है। फंसे नागरिकों में छात्र-छात्राओं की संख्या ज्यादा है, जो बंकरों में, हर एक दिन जिंदगी की सलामती की दुआवों के साथ वतन वापसी की आस लगाए बैठे हैं।

भारत सरकार भी हर नागरिक को सुरक्षित निकालने के लिए जद्दो-जहद में जुटी है। ऑपरेशन गंगा जारी है। मिशन के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतवासियों को सुरक्षित निकालने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात भी की है। यह उनकी दूसरी वार्ता है। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन की स्थिति की समीक्षा की। खासकर खारकीव पर चर्चा हुई, जहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। भारतवासियों की वतन वापसी के लिए पीएम मोदी लगातार हाईलेवल बैठकें कर रहे हैं।

भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए प्रयास और तेज कर दिए गए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के बाद आरोप अब यूक्रेन पर लगा रहा है। रुस ने यूक्रेन के अधिकारियों पर खारकीव में भारतीय छात्रों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। रूस का आरोप है भारतीयो को ढाल के तौर पर यूक्रेन में इस्तेमाल किया जा रहा है।

रूस ने यूक्रेन की सेना पर खारकीव में मौजूद भारतीय छात्रों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस का आरोप है कि भारतीय छात्रों को बंधक बना लिया गया है..। जिंहें यूक्रेन मानवीय ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। रूस का अपनी सफाई में कहना है उनके सशस्त्र बल भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को तैयार है। भारत और रूस के संबंध का अपना इतिहास है।

रूस, भारत के साथ अपने संबंधों पर किसी तरह का कोई दाग नहीं लगाना चाहता। भारत भी अब तक इस पूरे मामले पर गुटनिर्पेक्ष रणनीति के तहत काम कर रहा है। सरकार का कहना है कीव में कोई भारतीय नागरिक मौजूद नहीं है। यूक्रेन के पड़ोसी मुल्क रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और सलोवाकिया से भारतीयों की वतन वापसी का मिशन जारी है। मिशन गंगा के तहत पिछले 24 घंटे में 9 फ्लाइट भारतीयों की वतन वापसी के लिए उड़ान भर चुकी हैं। सरकार दावा है कि अब तक 20 हजार से अधिक नागरिकों की वापसी हो चुकी है।

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