मेजर विभूति की पहली बरसी पर बोली पत्नी, मैं सेना में जाकर उनके सपने को जरूर पूरा कर सकूंगी

देहरादून के शहीद मेजर वीएस ढौंढडियाल की आज पहली बरसी है। आज ही के दिन विभूति पुलवामा में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए थे और उनके साथ तीन अन्य जवान शहीद हो गए थे। पुलवामा अटैक का जख्म भरा भी नहीं था कि एक ओर बुरी खबर 18 फरवरी को आई। इस दिन पूरा उत्तराखंड रोया। आसमान भी रोया। जब शहीद का पार्थिव शरीर दून पहुंचा तो पूरा दून पाकिस्तान मुर्दाबाद और  वीएस ढौंढ़डियाल जिंदा बाद के नारों से गूंजा। हर किसी की आंखों में आंसू थे जो कि अभी तक सूखे नहीं। वहीं पति की पहली बरसी पर शहीद पति को याद कर पत्नी नितिका भावुक हो गईं।

देहरादून पहुंची शहीद की पत्नी निकिता, की श्रद्धांजलि अर्पित 

निकिता पति की पहली बरसी पर देहरादून के नेशविला रोड डंगवाल मार्ग स्थिति स्थित घर पहुंची औऱ पति को नम आखों से श्रद्धांजलि दी। शहीद की बरसी पर कार्यक्रम का आयोजन किया गय़ा था जिसमे कई लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी शहीद को श्रद्धांजलि देने शहीद के घर पहुंचे।

मैं भी जल्द ही सेना में जा रही हूं-निकिता

बता दें कि पति की पहली बरसी पर शहीद मेजर विभूति की पत्नी नितिका ने कहा कि उनकी कमी तो जिंदगी में कभी पूरी नहीं होगी। लेकिन सेना में जाकर मैं उनके सपने को जरूर पूरा कर सकूंगी। वे हमेशा हर किसी को देश सेवा के लिए प्रेरित करते थे। देश के लिए वे शहीद हुए इस पर मुझे गर्व है। निकिता ने कहा कि उनकी शहादत के बाद मैंने आर्मी ज्वाइन करने की इच्छा जताई थी जिसका नतीजा ये हुआ कि मैंने सभी औपचारिक टेस्ट और इंटरव्यू पास कर लिए हैं। निकिता ने कहा कि उनका विश्वास और प्यार ही है कि मैं भी जल्द ही सेना में जा रही हूं।

मैं शुक्रगुजार हूं अपने ससुराल वालों और मायके वालोंकी-निकिता

निकिता ने कहा कि अपने काम में अपना सौ फिसदी दें। मेरे पति के सपोर्ट और उनके विश्वास को साथ लेकर ही मैं ये फैसला कर पाई हूं। मैं शुक्रगुजार हूं अपने ससुराल वालों और मायके वालों का जिन्होंने सेना में जाने के मैरे फैसले को सपोर्ट किया। वहीं जल्द ही राजपुर रोड पर नेशविला रोड पर शहीद मेजर विभूति ढोंडियाल द्वार बनाया जाएगा। नगर निगम इसकी पहले ही घोषणा कर चुका है। वहीं अब घरवालों ने भी वहां जल्द ही उनके बेटे के नाम का द्वार बनाने की अपील की है।

बता दें कि मेजर विभूति तीन बहनों के इकलौते भाई थे जो कि बचपन से सेना में जाने के शौक रखे हुए थे। उनकी पढ़ाई देहरादून से हुई। पिता की मौत पहले हो चुकी थी। घर में मां औऱ एक अविवाहिता बहन रहती थी बाकी दोनों बहनों की शादी हो गई थी। एक बहन का पति भी सेना में अफसर है। वहीं अब शहीद की पत्नी निकिता भी सेना में जाने की तैयारी में है।

खबर उत्तराखंड शहीद की शहादत को नमन करता है और श्रद्धांजलि अर्पित करता है। जय हिंद

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