8 जनवरी से लापता जवान राजेंद्र नेगी को लेकर मौन क्यों सरकार, टूटती जा रही परिवार की आस

देहरादून : 11 गढ़वाल राइफल के हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी 8 जनवरी से लापता हैं। परिवार की उम्मीदें टूटती जा रही है। सरकार से परिवार को आस कम दिखाई दे रही है। परिवार ने अभिनंदन की तरह उनके बेटे राजेंद्र की वतन वापसी की मांग सरकार से की लेकिन कोई आस नजर नहीं आ रही है। परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है कि आखिर उनका बेटा किस हाल में होगा, कहां होगा? बच्चे इसी उम्मीद में बैठे हैं कि कब उनके पापा घर आएंगे। सरकार से कई मिन्नतें करने के बाद परिवार को कोई नतीजा नहीं मिला औऱ न कोई आस दिखाई दे रही है। देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड के लिए राजेंद्र की  वापसी की गुहार मोदी सरकार से लगा चुके हैं लेकिन कोई उम्मीद नहीं आई। हां सांसद अजय भट्ट ने सदन में जरुर मुद्दा उठाया लेकिन वो दबा दिया गया। बड़ा सवाल है कि आखिर राज्य औऱ केंद्र सरकार लापता जवान राजेंद्र के मामले पर मौन क्यों है?

देहरादून के परेड ग्राउंड में धरना प्रदर्शन, जवान के पिता भी होंगे शामिल

एक ओर जहां पूरा उत्तराखंड राजेंद्र नेगी की सलामती की दुआ मांग रहा है तो वहीं दूसरी ओर सरकार को नींद से जगाने के लिए आज जवान राजेंद्र के पिता ने कई सामाजिक संगठनों के साथ देहरादून के परेड ग्राउंड में धरना दिया था। विपक्ष द्वारा भी पीएम मोदी को लापता जवान की खोज के लिए और वतन वापसी के लिए ज्ञापन सौंपा गया लेकिन हालत जस के तस है।

8 जनवरी से कश्मीर के गुलमर्ग में लापता जवान

बता दें कि 11 गढ़वाल राइफल के हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी कश्मीर के गुलमर्ग में तैनात थे और कहा जा रहा है कि गश्त के दौरान बर्फ में फिसल गए और पाकिस्तान की सीमा पर जा पहुंचे है। क्यास लगाए जा रहे हैं या तो जवान को पाक सेना द्वारा अभिनंदन की तरह बंदी बना लिया गया है या बर्फ में दबे होने की आशंका है  पूरा उत्तराखंड उनकी सलामती की दुआ मांग रहा है। सेना उनकी तलाश कर रही है, लेकिन मौसम खराब होने और सीमा पर तनाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।

बीती 8 जनवरी से लापता हैं राजेंद्र

देहरादून के अंबीवाला स्थित सैनिक कॉलोनी निवासी हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी बीती 8 जनवरी से लापता हैं। सेना ने स्वजनों को इसकी सूचना दी तो घर में कोहराम मच हुआ है।पत्नी बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती थी। सीएम ने उनसे मिलकर आश्वासन दिया था औऱ हर संभव मदद का भरोसा दिया था लेकिन वो भरोसा परिवार का टूट गया है क्योंकि राज्य और केंद्र दोनों सरकार मौन हैं। हवलदार राजेंद्र की पत्नी राजेश्वरी देवी और उनके तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

36 वर्षीय राजेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े

राजेंद्र के माता-पिता चमोली जिले में गैरसैंण के पास पंजियाणा में रहते हैं। 36 वर्षीय राजेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता रतन सिंह नेगी पैतृक गांव में ही चाय की दुकान चलाते हैं, जबकि, उनकी माता भागा देवी और तीन भाई भी गांव में ही रहते हैं। राजेंद्र सिंह के दो बेटियां अंजलि और मीनाक्षी आठवीं और चौथी कक्षा में पढ़ती हैं। जबकि बेटा प्रियांश छठी कक्षा में है। सभी सलामती की दुआ मांग रहे हैं.ॉ

परिवार समेत पूरे उत्तराखंड की जनता की मोदी सरकार से मांग है कि विंग कमांडर अभिनंदन की तरह देवभूमि औऱ देश के जवान राजेंद्र सिंह नेगी को वतन वापस लाया जाए।

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