अपनी दौलत क्यों नहीं बताना चाहते उत्तराखंड के नौकरशाह…?

देहरादून: भाजपा सरकार बनते ही सबसे पहले मुख्यमंत्री ने ये फरमान जारी किया था कि सभी नौकरशाहों को अपनी आय का ब्योरा हर हाल में देना होगा। 2017 से 2019 हो गया, लेकिन अब तक मात्र छह आईएएस और 11 पीसीएस अफसरों ने ही अपनी आय का ब्योरा दिया है। यह सवाल बार-बार उठता है कि नौकरशाह अपनी दौलत क्यों नहीं बताना चाहते। आखिर ऐसा क्या है, जो अधिकारी आय का ब्योरा नहीं देना चाहते।

मार्च माह में कुछ अधिकारियों ने अपनी आय का ब्योरा दिया था। लेकिन, उसके बाद से किसी भी अधिकारी ने अपनी कमाई बताने की जहमत नहीं उठाई। इसका खुलासा आरटीआई में हुआ है। कार्मिक और सतर्कता विभाग के लोक सूचना अधिकारी 14 मई 2019 से अचल संपत्ति अर्जित, हस्तांतरित करने की सूचना एक जनवरी 2017 से सूचना उपलब्ध कराने की तिथि तक देने वाले छह आईएएस, 11 पीसीएस अधिकारियों की सूची सूचना अधिकार के तहत दी है।

सूचना के अनुसार अब तक 6 आईएएस अधिकारियों में एस रामास्वामी, अतुल कुमार गुप्ता, इंद्रधर बौडाई, ईवा आशीष, डॉ. भूपिंदर कौर औलख और रविनाथ रमन शामिल हैं। इन सभी ने मार्च माह में ही अपनी आय का ब्योरा सरकार को दे दिया था। जिस बाद में सूचना विभाग ने भी जारी किया था। लेकिन, उसके बाद से अब तक किसी भी अधिकारी ने अपनी आय का ब्योरा जारी नहीं किया है।

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