हरदा आखिर क्यों बोले- वह अभिमन्यु की तरह विपक्षियों के चक्रव्यूह में फंस सकते हैं

देहरादून : 2022 के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा-कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां जोरों शोरों से तैयारियों में जुटी है। हरीश रावत हमेशा से ही सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं जैसे मानो वो जनता के बीच अपनी हाजिरी दे रहे हों और चुनाव को लेकर वो एक्टिव हैं ये बता रहे हों। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के संकेत दिए हैं।

आपको ता दें कि उन्हें अंदेशा है कि उनके चुनाव लड़ने की स्थिति में पार्टी के भीतर लोग और भाजपा पूरी ताकत से उन्हें हराने में लग जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव लड़ने के बारे में पार्टी निर्णय करेगी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 2022 में उनके चुनाव लड़ने की स्थिति में हालात फिर 2017 जैसे हो जाएंगे।

हरीश रावत ने कहा कि वह अभिमन्यु की तरह विपक्षियों के चक्रव्यूह में फंस सकते हैं। वह नहीं चाहते कि उनकी दावेदारी से विवाद हो। वह केवल तब ही चुनाव लड़ेंगे, जब हाईकमान आदेश देगा। उनकी वजह से पार्टी में कहीं विवाद दिखाई दे, वह ऐसा नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि उनका नाम राज्य में सबसे चर्चित है। 2002, 2007 और 2012 में भी वह चुनाव नहीं लड़े थे। इस बार वह 2002 वाले मूड में हैं। तब भी इतिहास बना था और इस बार भी इतिहास रचने का मौका है

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