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सरकार सिस्टम में किसको बचाना चाहती है? नीट परीक्षा परिणाम विवाद पर बीजेपी पर भड़की प्रियंका गांधी

नीट परीक्षा परिणाम से जुड़ा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले पर बीजेपी पर लगातार कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस इसे व्यापम 2.0 बता रही है। सरकार पर हमलावर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा है कि भाजपा की नई सरकार ने शपथ लेते ही युवा के सपनों पर फिर से प्रहार शुरु कर दिया है। प्रियंका गांधी ने शित्रा मंत्री के बयान का जिक्र करते हुए बीजेपी पर हमला बोला है।

एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होने पूछा कि नीट परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों पर शिक्षा मंत्री का अहंकार भरा जवाब 24 लाख छात्रों और उनके अभिभावकों की चीख-पुकार की पूरा से अनदेखी करता है। क्या शिक्षा मंत्री को सार्वजनिक रुप से मौजूद तथ्य नहीं दिखते? क्या बिहार, गुजरात में जो पुलिस कार्रवाई हुई और रैकेट पकड़े गए, सरकार उन्हें भी झूठा मानती है?

सरकार सिस्टम में किसको बचाना चाहती है?

वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि, क्या 67 टॉपर को पूरे मार्क्स मिलना भी झूठ है? लाखों युवाओं और उनके माता-पिता की अनदेखी कर सरकार सिस्टम में किसको बचाना चाहती है? क्या युवाओं के सपनों को इस भ्रष्ट परीक्षा प्रणाली की भेंट चढ़ाना बंद नहीं होना चाहिए? क्या सरकार की ये जिम्मेदारी नहीं बनती कि छात्रों और अभिभावकों की बात की अनदेखी करने की बजाय शिकायतों पर गंभीरता से गौर करे और एक्शन ले?

खरगे ने सरकार पर बोला हमला

इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने भी सरकार पर हमला बोला है। उन्होनें कहा कि मोदी सरकार, शिक्षा मंत्री और एनटीए ने नीट घोटाले की लीपापोती चालू कर दी है। पेपर लीक नहीं हुआ तो बिहार में 13 आरोपियों को गिरफ्तार क्यों किया? क्या शिक्षा माफिया और संगठित गिरोह को पेपर के बदले 30 से 50 लाख रुपये तक के भुगतान का पटना पुलिस ने पर्दाफाश नहीं किया?

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