जहां मची थी तबाही, फिर वहीं बसाई जा रही बस्ती, जिम्मेदार मौन

कालसी: अमलावा नदी और इसके किनारों पर अवैध बस्ती बसाई जा रही है। जबकी अमलावा नदी की भूमि पर बस रही यह पूरी बस्ती खतरे की जद में है। बताते चलें की 2013 की आपदा में अमलावा नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाया था, जिसकी यादें आज भी लोगों में दहशत पैदा कर देती है.

अमलावा नदी के उस फ्लड में लोगों के मकान, खेत-खलियान, पालतू पशु सब जमींदोज हो गये थे. जिसके बाद यहाँ के बेसहारा लोगों को प्रशासन ने मुआवजा दिया और लोग अन्य जगहों पर जाकर बस गये थे। बावजूद इसके नदी किनारे की इसी जगह पर फिर से कुछ लोग धीरे-धीरे लोगों को बसाकर पैसा कमा रहे हैं। अब यहाँ एक बड़ी बस्ती बसा दी गयी है. इतना ही नहीं यहाँ खेती के साथ-साथ सड़कें भी बनवा दी गयी हैं।

ऐसे में सवाल उठ रहा है की अगर यहाँ कोई अनहोनी घटती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। साफ़ है कि अगर समय रहते इस खतरनाक क्षेत्र की सुध नहीं ली गयी तो बरसात में यहाँ एक बार फिर तबाही देखने को मिल सकती है। वहीं, मामले में SDM कालसी अपूर्वा सिंह ने बताया की मामला संज्ञान में नहीं है. अगर खतरे की जद में बस्ती बसाई जा रही है तो आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

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