जब नैनीताल के जिलाधिकारी ने खुलवाए गोदाम

politheene
नैनीताल, संवाददता-
प्रदेश मे पॉलिथीन के गिलास, प्लेट कैरीबैग और थर्माकोल के दोने-पत्तल गिलास जैसे सामान पर हाई कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद अंकुश लगता न देख कर जिलाधिकारियों ने अब एक्शन लेना शुरू कर दिया है।

उत्तकाशी में जहां जिलाधिकारी ड़ा. अशीष श्रीवास्ताव ने एक मार्च से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है वहीं नैनीताल में जिलाधिकारी दीपक रावत ने बाजार का मुआयना करते हुए पॉलिथीन और थर्माकोल के खिलाफ अभियान छेड़ दिया।

Depak rawat DM
जिलाधिकारी दीपक रावत पॉलिथीन और थर्माकोल के गोदाम का निरीक्षण करते हुए

जिलाधिकारी ने जहां अपनी कार्रवाई में पॉलिथीन और थर्मोकोल के विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों के गोदाम खंगालते हुए कार्यवाही की । जिलाधिकारी के आदेश पर नैनीताल में पॉलीथीन और थर्मोकोल के बने सामान के  गोदाम और माल तो सील हुआ ही अब उन पर जुर्माने की कार्यवाही भी होगी। शायद  तभी कहा गया है लातों के भूत बातों से नहीं मानते।

तय है कि इस कार्रवाई के बाद राज्य के दूसरे जिलों के जिलाधिकारी भी फार्म में आंएगे और उम्मीद है कि राज्य पॉलीथीन और थर्मोकोल के अभिशाप से मुक्ति पा जाएगा। दरअसल किसी भी शहर गांव के कचरे मे सबसे ज्यादा तादाद इसी अकार्बनिक कचरे की होती हैं। यही उत्तराखंड की स्वच्छता पर दाग लगाता है।

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