हाय महंगाई। 12 साल के उच्चतम स्तर पर गेहूं के आटे का भाव

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देश में महंगाई बेतहाशा बढ़ रही है। हालात ये हैं कि आम आदमी की थाली लगातार महंगी होती जा रही है। आंकड़ों के अनुसार गेहूं के आटे की कीमत भी पिछले 12 सालों में सबसे उंचे दर पर पहुंच गई है।

केंद्र की मोदी सरकार महंगाई रोकने में नाकाम रही है, इस बात की गवाही अब खुद सरकार के मंत्रालय ही दे रहें हैं। उपभोक्ता मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल में आम आदमी की थाली की हर एक चीज महंगी हो चुकी है।

मंत्रालय का मानना है कि गेहूं के आटे से बनने वाले उत्पादों के दाम 15 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। आटे का भाव अप्रैल में 32.38 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका था। यह भाव जनवरी 2010 के बाद सबसे अधिक है। यानी गेंहू के आटे का भाव 12 साल के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है।

हालांकि सरकार का मानना है कि रुस युक्रेन युद्ध की वजह से गेंहू के आयात पर प्रभाव पड़ा है। इसके चलते भी गेहूं की कीमतों में इजाफा हुआ है और यही वजह है कि आटे का दाम बढ़ा है। मंत्रालय कम उत्पादन को भी इसकी एक वजह मान रहा है। मंत्रालय को उम्मीद है कि इस साल उत्पादन अच्छा रहा तो गेहूं की कीमतें कम होंगी और आटे का भाव भी कम होता दिखेगा।

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