
What is Hand Foot Mouth Disease: आजकल हैंड फुट माउथ डिजीज काफी फैल रही है। खासकर बच्चों में ये बीमारी देखने को मिल रही है। हालांकि अब इसके केसिस बड़ों में भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में चलिए जानते है कि क्या है ये वायरल बीमारी जो बच्चों से लेकर बड़ों तक में फ़ैल रही है।

क्या है Hand Foot Mouth Disease?
हैंड-फुट-माउथ डिजीज ( Hand Foot Mouth Disease) कॉक्ससैकीवायरस (Coxsackievirus) से फैलता है। दरअसल इस बीमारी में हाथ, पैर और मुंह के अंदर दर्द वाले लाल दाने या फिर यू कहें कि छाले हो जाते हैं। इसके साथ ही तेज बुखार भी आने लगता है। पहले इस बीमारी के ज़्यादातर केसिस 2 से 7 साल के छोटे बच्चों में ही देखे गए।
इस खास मौसम में होता है ज्यादा एक्टिव
लेकिन डॉक्टरों की माने तो कई ऐसे मामले हैं जिनमें ये बीमारी बड़ों को भी हो रही है। ज़्यादा उम्र के लोगों को भी ये बीमारी अपना शिकार बना रही है। डॉक्टर्स के अनुसार hand foot mouth disease एक वायरल बीमारी है। ये वायरस कुछ खास मौसम में ज्यादा एक्टिव होता है। खासकर अभी बरसात के बाद वाले मौसम में ये ज्यादा और तेजी से फैलता है।
कैसे फैलता है hand foot mouth disease का वायरस?
Hand foot mouth disease का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ती तक ड्रॉप्लेट्स (छोटी छोटी हवा की बूंद ) के जरिए फैलता है। जो कि बीमार व्यक्ति के छीकने खासने या नाक साफ करने पर निकलती हैं। चलिए अब इसके लक्षणों को अच्छे से समझ लेते हैं।
क्या है लक्षण? hand foot mouth disease Symptoms
सबसे पहले hand foot mouth disease में तेज़ बुखार आता है। साथ ही सिर में दर्द भी होता है। इस दौरान भूख भी एकदम से कम हो जाती है। धीरे-धीरे इसके लक्षण शरीर के बाकी हिस्सों में भी दिखने लगते है। हाथ, पैर, मुंह, जीभ और कभी-कभी गले, के अंदर भी छाले हो जाते हैं। ऐसे में सक्रमित व्यक्ति के लिए कुछ भी खाना-पीना बहुत मुश्किल और दर्द भरा हो जाता है।
क्या है बचाव का तरीका?
- इससे बचने का सबसे पहला तरीका है दूरी बनाना। अगर आपको पता है कि किसी को ये बीमारी है तो कोशिश करें कि आप उनके ज़्यादा करीब न जाएं। खासकर बच्चों को तो उनसे बिलकुल दूर रखें।
- दूसरा सबसे ज़रूरी काम है साफ-सफाई का ध्यान रखना।
- अपने हाथों को दिन में कई बार साबुन से अच्छी तरह धोएं, खासकर किसी बीमार व्यक्ति से मिलने के बाद या बाहर से घर आने पर हाथ धोना बिलकुल न भूलें।
- वैसे तो ये बीमारी कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन अगर आपको dehydration, dry skin, वज़न घटना, चिडचिडापन, अलर्टनेस की कमी, पेशाब का कम या ज़्यादा लगे तो doctor से तुरंत संपर्क करें