हम तो नहीं पढ़ाएंगे सस्ती किताबों से, सरकार के फैसले के खिलाफ निजी स्कूलों का विरोध

देहरादून-
राज्य में तमाशा बन चुकी तालीम को पटरी पर लाने की सरकारी मुहिम इन हालातों में शायद ही रंग लाए।
दरअसल सूबे के महंगे सस्ते सभी निजी स्कूल टीएसआर सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
निजी स्कूलों को अपनी मंहगी किताबों से होने वाली अपनी कमाई खत्म होने का डर सताने लगा है।
लिहाजा सरकार के विरोध मे उतरे निजी स्कूलों के मालिकान अपने स्कूल में NCERT की सस्ती किताबें  पढ़ाने के लिए कतई राजी नहीं हैं। ऐसे में  सरकार की खिलाफत करते प्रदेश के तकरीबन 700 सीबीएससी पैर्टन वाले निजी स्कूलों के तीन हजार के करीब प्रबंधक देहरादून के गांधी पार्क में धरना दे रहे हैं।
इतना ही नहीं अभिभावकों की जेब पर नजर गड़ाए निजी स्कूलों के प्रबधकों ने अपने-अपने स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का ऐलान भी किया है। सूबे की सरकार के लिए फैसले से नाराज धरना दे रहे निजी स्कूलों के प्रबंधकों का दावा है कि उनके साथ राज्य के अभिभावक भी हैं।
हालांकि ये बात किसी के गले नहीं उतर रही है कि आखिर वो कौन से ऐसे अभिभावक हैं जो मंहगी किताब ही अपने बच्चों के लिए स्वेच्छा से खरीदना चाहते हैं।  गौरतलब है कि सूबे की सरकार का वादा है कि इसी सत्र से राज्य में NCERT की सस्ती किताबें लागू करवाकर जनता को राहत दी जाएगी।

1 COMMENT

  1. शिक्षा मंत्री जी के इस फैसले का पूर्ण समर्थन।

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