शहीद के पिता बोले : फक्र है लेकिन बेटे की शहादत का बदला अभी और बड़ा होना चाहिए

भारतीय वायुसेना ने 12 मिराज-2000 विमान के साथ पाक और आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाही करते हुए रात के 3.30 बजे आतंक के अड्डों पर 1000 किलो बम फेंके जिसमें कई आंतकी कैंप तबाह हुए साथ ही बालाकोट में आतंकी ट्रेनिंग देने वाले कमांडर और ट्रेनरों को मौत के घाट उतारा. वहीं इस पूरे ऑपरेशन की पीएम मोदी साउथ ब्लॉक सिचुएशन से नजर बनाए हुए थे. वहीं खबर है कि भारत की इस कार्रवाही से 300 से ज्यादा आतंकी ढेर हो गए हैं.

पूरा देश मना रहा जश्न

वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाही से पूरे देशभर के लोग खुशी-जश्न मना रहे हैं. लोग ढोल नगाड़े बजाकर औऱ मिठाई खिलाकर खुशी मना रहे हैं. वहीं इस बीच एक शहीद के पिता ने भी आंखों में आंसू लिए खुशी जाहिर की औऱ वायुसेना को सलाम किया.

 शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पिता का वायुसेना को सलाम

जी हां देहरादून निवासी शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पिता ने वायुसेना की आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाही पर उनको सैल्यूट किया. शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पिता ने POK में हुई एयर स्ट्राइक को सही समय पर लिया गया फैसला बताया और इस कार्रवाही की तारीफ की. साथ ही शहीद के पिता न कहा कि ये तो केवल पांच प्रतिशत ही है। शहीद चित्रेश के पिता ने तीनों सेनाओं को मिलकर दुश्मनों से बदला लेने की मांग की. शहीद के पिता ने कहा कि वहां की सेना आतंकियों का नाम लेकर आतंक फैलाने का काम करती है. उन्होंने कहा कि बेटे की शहादत का बदला अभी और बड़ा होना चाहिए। आज की कार्रवाई के लिए उन्होंने भारतीय वायुसेना के पाइलेट्स को सलाम किया।

अगर एक कार्रवाई हो गई हम बैठ गए तो उससे उन्‍हें कुछ नहीं होने वाला- शहीद के पिता

देहरादून के शहीद मेजर चित्रेश के पिता एसएस बिष्‍ट ने कहा कि इस कार्रवाई से हम संतुष्‍ट हैं. यह कार्रवाई जब 40 जवान हमारे एक साथ गुब्‍बारे की तरह उड़ गए, उसी दिन हो जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि आज हमें फक्र है कि हमारे वायु सेना वहां जो भी कार्रवाई की है वह रुकनी नहीं चाहिए। यह कार्रवाई नहीं रुकनी चाहिए। पाकिस्‍तानी आर्मी के खिलाफ सख्‍त से सख्‍त से कार्रवाई होनी चाहिए। अगर एक कार्रवाई हो गई हम बैठ गए तो उससे उन्‍हें कुछ नहीं होने वाला।

गौर हो की देहरादून निवासी मेजर चित्रेश बिष्ट 16 फरवरी को कश्मीर के राजौरी में बम को डिफ्यूज कर रह थे. तीन बम को डिफ्यूज कर चुके थे चौथे बम को डिफ्यूज करते हुए बम फट गया औऱ वो शहीद हो गए. बता दें सात मार्च को उनकी शादी होने वाली थी।

 

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