देखिए : बैकफुट पर आए पवन सेमवाल, सीएम से माफी मांगी भी और नहीं भी

देहरादून- बीते दिनों उत्तराखंड के गायक पवन सेमवाल के गाने ‘उत्तराखंडी जागी जावा’ पर जमकर बवाल हुआ. सत्ताधारी सरकार के कार्यकर्ताओं ने इस गाने का विरोध किया. तो वहीं विपक्ष पार्टी ने रोटियां सेकी. भाजपा ने इस गाने के जरिए सीएम की छवि को धूमिल करने का आरोप लगया.

गायक पवन सेमवाल ने सोशल मीडिया के जरिए मांगी मांफी

वहीं उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सीएम से मांफी मांगी लेकिन अपने गाने को सही बताया औऱ उसमें कोई आपत्तिजनक शब्द या सीएम के खिलाफ न होना बताया. जिससे लगता है वो सीएम से मांफी मांग भी रहे हैं लेकिन अपने गाने को सौ पता सही कह रहे हैं. एक तरफ उन्होंने सीएम से मांफी मांगी लेकिन दूसरी तरफ गाने को लेकर सफाई दी की गाने में ऐसा कुछ नहीं है.

इससे सीएम की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है-भाजपा

गौर हो कि पवन सेमवाल के गाने उत्तराखंडी जागी जावा से सियासत गरमा गयी थी. भाजपा का कहना है कि इससे सीएम की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है औऱ इस गाने को विपक्ष पार्टी की साजिश बताई. वहीं नेहरू कॉलोनी थाने में गायक पवन, रोशन रतूड़ी समेत 13 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई.

कांग्रेस ने मुदकमा दर्ज करने पर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी

वहीं कांग्रेस का कहना है कि गाने में कोई आपत्तिजनक शब्द या सीएम के लिए कुछ नहीं कहा गया है. साथ ही कांग्रेस ने मुदकमा दर्ज करने के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी सरकार को दी.

सेमवाल का कहना है कि उन्होंने पूरे देश के राजनीति पर इस गाने को बनाया है

वहीं पवन सेमवाल का कहना है कि उन्होंने पूरे देश के राजनीति पर इस गाने को बनाया है. इसमें किसी विशेष पर निशाना नहीं साधा गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस गाने को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. हां, गाने में एक जगह त्रिवेंद्र रावत की फोटो का गलती से इस्तेमाल किया गया है जिसके लिए वो माफी मांगते हैं.

सीएम से मांगी पवन सेमवाल ने ंमाफी

उन्होंने आगे कहा कि किसी राजनीतिक फायदे के लिए उन्होंने ये गाना नहीं गाया है. इस गाने का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. गायक सेमवाल का कहना है कि अगर त्रिवेंद्र रावत को इस गाने से ठेस पहुंची है तो वो इसके लिए उनसे मांफी मांगते हैं, लेकिन गाने के किसी अंतरे में या मुखड़े में ऐसा कुछ नहीं है. इसमें महज उत्तराखंडवासियों को जागने और आगे आने के लिए कहा गया है.

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