Big NewsUttarakhand

किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की चेतावनी, मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो कोतवाली में बांध देंगे मवेशी

if the case is not filed
रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र सलेमपुर गांव की एक महिला ने किस्तों पर कई वर्ष पहले एक जेसीबी मशीन खरीदी थी। जिसकी ज्यादातर किस्ते महिला ने दे दी थी लेकिन कुछ किस्त बकाया रहने के चलते फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी उसकी जेसीबी मशीन को अपने साथ उठा ले गए।

जानकारी के मुताबिक लगभग तीन महीने पहले महिला ने एआरटीओ ऑफिस के बाहर अपनी जेसीबी मशीन खड़ी देखी तो उसने गांव से कुछ लोगों को बुला लिया और अपने साथ जेसीबी ले गई। लेकिन आज रविवार को सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने फोन करके महिला को जेसीबी मशीन वापस कोतवाली लाने के लिए कहा। जिस पर महिला ने जेसीबी लाने से मना कर दिया इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी। जिसके बाद महिला इस मामले की जानकारी किसान यूनियन क्रांति के पदाधिकारियों को दी।

जिस पर किसान यूनियन क्रांति मोर्चा के राष्टीय अध्यक्ष विकास सैनी किसानों को लेकर कोतवाली गए। विकास सैनी ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसी और को जेसीबी बेच दी। अब इसका रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा था। उन्होंने पुलिस पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करने का भी आरोप लगाया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई। वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रदीप तोमर ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ किसान अपनी बात पर अड़े रहे।

सैनी ने पुलिस को चेतावनी दी है कि पीड़ित महिला का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो कोतवाली में मवेशी बांध देंगे। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी। वहीं पुलिस के अनुसार महिला की जेसीबी की किस्त जमा नहीं करने पर बैंक ने उसकी ऑनलाइन नीलामी कराई थी और यह जेसीबी मशीन गाजियाबाद निवासी फजल उर रहमान ने खरीदी थी। फजल उर रहमान ने जेसीबी एआरटीओ कार्यालय में भेजी थी। इस मामले में फजल उर रहमान की तरफ से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने इसी वजह से महिला को जेसीबी लेकर आने के लिए कहा था। पुलिस के अनुसारयदि इस मामले में महिला ने पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने किसी तरह से किसानों को समझा-बुझाकर वापस भेजा।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें