देहरादून में गया विकास पानी में, 13 साल से कुर्सी पर विराजमान भाजपा मेयर

देहरादून : कहने को तो देहरादून राजधानी है…सीएम से लेकर राज्यपाल के आवास यहीं हैं। तमाम मंत्री विधायकों से लेकर शासन के अधिकारियों का आवास भी यही है। तमाम विभागों के दफ्तर यही हैं…लेकिन अगर बात विकास की करें, बात यहां की सड़कों की करें और बात यहां की पानी की निकासी की व्यवस्था की करें तो वो देहरादून में सबसे बदतर है। एक ही बरसात में दूनमें विकास के दावे की पोल खुल जाती है। राज्य में डबल इंजन की सरकार के बावजूद ये हाल है।

स्मार्ट सिटी के नाम पर देहरादून में जगह जगह गड्ढे खोदे गए हैं जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देहरादून में 13 साल से भाजपा ने मेयर की कुर्सी हासिल की है। 13 साल से मेयर की कुर्सी पर भाजपाई बैठे हुए हैं लेकिन अगर विकास की बात करें, बात सड़कों की करें, बात बारिश के पानी की निकासी की करें तो इसमे देहरादून जीरो है।

मेयर अक्सर सीएम के साथ कई कार्यक्रमों में नजर आते हैं लेकिन अगर जब बात देहरादून के विकास कार्यों की होती है तो मेयर सुनील उनियाल गामा कहीं नजर नहीं आते हैं। उन्हें अक्सर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के पीछे देखा गया है और विकास के नाम पर भी वो पीछे ही दिखाई दे रहे हैं क्योंकि देहरादून की सड़कों का हाल बुरा है जिसकी कभी भी मेयर ने सुध नहीं ली और ना ही वो कहीं नजर आए। वो कहीं गायब से हो गए हैं।

एक ही बरसात में देहरादून की सड़कें टूट कर बिखर जाती हैं। सड़कों पर पानी भर जाता है। सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती है। कारगी चौक से लालपुर की सड़क का हाल बुरा है। कई दिनों से लोग हिचकौले खा रहे थे। हालांकि अब वहां सीमेंट के पत्थर भरने का काम शुरु हो गया है लेकिन आज का नजारा भी देहरादून मेें गजब का था.

दरअसल दोपहर के समय देहरादून में कई इलाकों में तेज बारिश हुई जहां सड़कों पर पानी भर गया। मंडी चौक में तो पुलिस के बैरियर तक गिर गए जिसे उठाने वाला कोई नहीं था। लोगों को भी इससे खासा दिक्कत हुई।ये तस्वीर देहरादून के मंडी चौक की है जहां आप देख सकते हैं कि कैसे 1 घंटे से कम की बरसात में सड़क का क्या हाल हो गया है। इसमे अगर सड़क पर गड्ढा हो तो बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन इसकी सुध कौन लेगा?

अक्सर देखा गया है कि जब भी बारिश होती है तो मंडी चौक पर जीएमएस से लालपुर की ओर जाने वाली सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। लेकिन इस समस्या का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। सवाल है कि क्या सरकार और विभाग कोई बड़ी अनहोनी होने का इंतजार कर रहा है।।

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