Exclusive : देवभूमि के वीर योद्धा लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को शौर्य चक्र से किया गया सम्मानित

उत्तराखंड को वीर भूमि ऐसे ही नहीं कहा जाता है। राज्य के वीर योद्धाओं ने समय-समय पर देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस का लोहा मनवाया है। इसके लिए देवभूमि के वीरों को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों से नवाजा जाता रहा है। इस स्वतंत्राता दिवस पर भी देवभूमि के वीर योद्धा लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को भी उनकी वीरता और साहस के लिए शौर्य चक्र दिया गया।

अल्मोड़ा जिले की स्याल्दे तहसील के देघाट क्षेत्र के तल्ला महरगांव निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। वर्तमान मे वे सेना में प्रथम पैरा रेजिमेंट में पठानकोट में तैनात हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों सहित उनके पैतृक गांव महरगांव तल्ला में खुशी की लहर है। लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को पांच साल पहले सेना मेडल के अलावा मैस-इन-डिस्पैच पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।

बता दें कि दिसंबर 2006 में एनडीए पासिंग आउट के बाद उन्होंने सेना ज्वाइन की थी। लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत ने नियंत्रण रेखा पर अदम्य साहस दिखाते हुए सीमापार से आतंकी घुसपैठ को नाकाम किया था। उनके नेतृत्व में विशेष बल की टीम ने खराब मौसम में 36 घंटे चली मुठभेड़ के बाद चार आतंकियों को मार गिराया था और एक को जख्मी हालत में गिरफ्तार किया था। सेना को खुफिया अलर्ट मिला था कि कुछ आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। इस पर लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने टीम के साथ मोर्चा संभाल लिया। खराब मौसम के कारण मुश्किलें बढ़ गईं थीं, लेकिन लेफ्टिनेंट कृष्ण सिंह रावत की टीम का हौसला नहीं टूटा। आतंकियों की सटीक लोकेशन जानने के लिए वे पीछे की तरफ गए और सैनिकों को जमीन पर रेंगते हुए पहुंचने का इशारा किया। इशारा मिलते ही सैनिकों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई और दो आतंकियों को मार गिराया। इसके बाद दो अन्य आतंकियों को भी ढेर किया और एक को जख्मी हालत में गिरफ्तार किया।

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