उत्तराखंड की पहली महिला रेलवे असिस्टेंट लोको पायलेट बनी अंजलि, यहां हुए नियुक्ति

ऋषिकेश: उत्तराखंड की बेटियां आसमान छूने के साथ अब हवा की रफ्तार में ट्रेन चलाने के लिए तैयार हैं. उत्तराखंड की बेटियों ने देश ही नहीं विदेशों में भी प्रदेश का नाम रोशन किया है. अब इसमें एक नाम और जु़ड़ गया है…जी हां हम बात कर रहे हैं ऋषिकेश की अंजलि शाह की जो की उत्तराखंड की पहली ट्रेन चालक बनी हैं. अंजलि का बचपन से सपना था की वो ट्रेन को चलाए और रफ्तार को कंट्रोल कर सके…जो आज उनका ये सपना पूरा हो गया है.

23 वर्षीय अंजलि शाह ले रही ट्रेनिंग 

आपको अंजलि का सेलेक्शन असिस्टेंट लोको पायलट के लिए हुआ जो की फिलहाल ट्रेनिंग पर हैं. बता दें कि अभी वो ट्रेन के मुख्य चालक की मदद से ट्रेन चला रही हैं. 26 वर्षीय अंजलि शाह ट्रेनिंग के दौरान दो ट्रेन ट्रिप पूरी कर चुकी हैं.

हरिद्वार-ऋषिकेश में बतौर असिस्टेंट लोको पायलट में नियुक्ति

अंजली ने बताया कि उन्होंने बचपन में ही ट्रेन को देखकर ये ठान लिया था कि वो ट्रेन दौड़ाएंगी और ट्रेन चालक बनेंगी. अपनी इस सफलता से अंजलि काफी खुश हैं. दरअसल, 6 महीने की बेसिक ट्रेनिंग के बाद अंजलि को हरिद्वार-ऋषिकेश में बतौर असिस्टेंट लोको पायलट नियुक्त किया गया है. एक साल तक असिस्टेंट रहने के बाद अंजलि लोको पायलट बन जाएंगी.

अंजिल काफी होनहार है-ट्रेनर

वहां के ट्रेनिंग दे रहे अधिकारी का कहना है कि अंजिल काफी होनहार है जिसे जो कुछ भी बताया सिखाया जाता है वो तुरंत उसको दिमाग में बैठा लेती है और भविष्य में वो एक अच्छी ट्रेन चाल बनेंगी.

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