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उत्तराखंड: वापसी होगी या कुछ और, इस बार बुरे फंसे हरक

cm pushkar singh dhami

देहरादून: हरक सिंह रावत का राजनीतिक कद सभी जानते हैं, लेकिन इस बार हरक बुरी तरह से फंस गए। भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया और कांग्रेस में एंट्री पर बैन लग गया। ऐसे में हरक सिंह रावत के पास माफी मांगकर भाजपा में वापसी का रास्ता बचा हुआ है। इस रास्ते पर वापसी की चर्चाएं भी हो रही हैं। लेकिन, फिलहाल कुछ साफ नहीं है। हरक सिंह रावत भाजपा लौटेंगे या कांग्रेस में जाएंगे, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

हरक सिंह रावत पिछले पांच दिनों से दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। हरक कांग्रेस से बुलावे का इंतजार तो कर ही रहे हैं। लेकिन, हरक भाजपा में वापसी की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं। लेकिन, फिलहाल दोनों ही मोर्चों पर हरक को फिलहाल निराशा ही हाथ लगी है। इधर, नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। ऐसे में हरक के पास निर्दलीय मैदान में उतरने का तीसरा विकल्प अब भी बचा हुआ है।

भाजपा ने पहली सूची में केदारनाथ से टिकट का ऐलान नहीं किया है। इससे इस तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि हरक सिंह रावत या फिर उनकी बहू को भाजपा रुद्रप्रयाग से टिकट दे सकती है। लेकिन, जब तक कुछ फैसला नहीं हो जाता है, तब तक कुछ कह पाना मुश्किल है। भाजपा से निकाले जाने के बाद ये तय माना जा रहा था कि वे कांग्रेस में वापसी करेंगे, लेकिन अभी तक इस दिशा में बात नहीं बन पाई है।

कांग्रेस के भीतर उन्हें लिए जाने को लेकर तमाम तरह के किंतु-परंतु हैं। ऐसे में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। दिल्ली में डेरा डाले हरक सिंह ने कांग्रेस के कसीदे तो गढ़े, लेकिन भाजपा के विरुद्ध कुछ नहीं बोला है। चर्चा इस बात की भी है कि हरक की भाजपा के बड़े नेताओं से मुलाकात भी हो चुकी है।

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