उत्तराखंड: 6000 में बेच रहा था 1300 को ऑक्सीजन रेगुलेटर, ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस

हरिद्वार: कोरोना काल में भी कालेकोरोबारी अपना काला धंधा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। कुछ लोग कोरोना मरीजों की मदद में दिन-रात जुटे हैं, तो कुछ कोरोना मरीजों के परिजनों की मजबूरी को अपनी कमाई का जरिया बनाने पर तुले हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस भी अब सख्त हो गई है। पुलिस लगातार ऐसे लोगों पर नजर अनाए हुए है। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रववाई भी कर रही है। ऐसा ही एक मामला हरिद्वार में सामने आया है। ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस ने 1300 रुपये का ऑक्सीजन सिलिंडर का रेगुलेटर छह हजार रुपये में बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपी 15 से 20 रेगुलेटर बेच चुके थे। आरोपी सिक्योरिटी के नाम पर तीन हजार रुपये भी वसूलता था। इसके बाद सिक्योरिटी के रुपये भी वापस नहीं करता था। ज्वालपुर कोतवाली चंद्र चंद्राकर नैथानी ने बताया कि रेमडेसिविर, फेबीफ्लू समेत अन्य जीवन रक्षा दवाओं, ऑक्सीजन और उपकरणों की कालाबाजारी रोकने के लिए एसएसपी ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

ज्वालापुर कोतवाली पुलिस की एक टीम का गठन किया गया है। टीम को सूचना मिली कि एक युवक ऑक्सीजन रेगुलेटर की कालाबाजारी कर रहा है। पुलिस टीम ने आरोपी एसल अरोड़ा निवासी विकास कॉलोनी ज्वालापुर और सन्नी सिंह निवासी गोल गुरुद्वारा ज्वालापुर को गिरफ्तार कर लिया। सन्नी सिंह पिछले कई सालों से ऑक्सीजन सिलिंडर की रिपेयरिंग करता है। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे रोड पर आरोपी की वेल्डिंग की दुकान है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ऑक्सीजन के लिए मदद करने के नाम पर सोशल मीडिया ग्रुप में अपने नंबर डाले थे।

पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए ग्राहक बनकर पहुंची थी। पुलिस ने पहले मोबाइल नंबर से संपर्क किया और बातचीत की। आरोपी से रेट कम करने के लिए भी पुलिस ने कई बार कहा, लेकिन वो नहीं माना। छह हजार रुपये से कम में ऑक्सीजन रेगुलेटर देने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसके पास से 11 रेगुलेटर, चार ऑक्सीजन रेगुलेटर समेत कई अन्य सामान और उनकरण भी बरामद किए गए हैं।

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