उत्तराखंड : बीएलओ का कारनामा, पारिवारिक रंजिश के चलते वोटर का नाम काटा

टिहरी : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है और पुलिस प्रशासन ने भी चुनाव शांतिपूर्व सम्पन्न कराने को लेकर कमर कस ली है. लेकिन बात करें मतदान की तो मतदान सबका अधिकार है लेकिन कुछ जगह कुर्सियों पर आसीन अधिकार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं जिससे जनता वोट करने से बिछड़ रही है. जी हां ऐसा ही कुछ हुआ है टिहरी गढ़वाल में जहां बीएलओ ने गजब का खुन्नस निकाली.

महिला का नाम किया वोटर लिस्ट से गायब

बीएलओ की वोटर लिस्ट के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है लेकिन टिहरी जिले के बेलेश्वर गाँव की बीएलओ ने पारिवारिक रंजिश के चलते गाँव की एक महिला का वोटर लिस्ट में नाम ही नही चढ़ाया, जबकि उसने अपने परिवार की 2 महिलाओं का नाम चढ़वा दिया।

पारिवारिक रंजिश के चलते दिया काम को अंजाम

सूत्रों से जानकारी मिली है कि बीएलओ शीला देवी तिवाड़ी का महिला से कोई पारिवारिक रंजिश थी और इसी खुमार के चलते बीएलओ अपनी जिम्मेदारी को भी भूल गयी, लिहाज़ा अपने पद का दुरुपयोग किया।

महिला ने लगाई मुख्यमंत्री हेल्प लाइन से मदद की गुहार 

वहीं इस बार वोट देने से वंचित रहने वाली महिला सुचिता देवी का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री हेल्प लाइन से मदद की गुहार लगाई है। बीएललो द्वारा जानबूझकर सूचिता देवी का नाम वोटर लिस्ट में नहीं चढ़ाया गया जबकि उसने वोट देने से वंचित रहने वाली महिला से 2-3 बार कागजात ले लिए. इस बात का खुलासा अब हुआ जब पीड़ित सुचिता देवी ने वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक किया और उसे अपना नाम वहां नही दिखा। पद का दुरुपयोग करने के कारण बी एल ओ शीला देवी पर सुचिता देवी ने वोट देने के अपने अधिकार् से वंचित रहने पर उपजिलाधिकारी घनसाली और मुख्यमंत्री हेल्प लाइन से शिकायत की है।

देखने वाली बात यह होगी कि पीड़ित वोट से इस बार वंचित रहने वाली सुचिता देवी की शिकायत पर शासन-प्रशासन किस तरह की कार्यवाही बी एल ओ पर करेगा।

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