
रामनगर: काॅबेर्ट पार्क में अब वीआइपी राज समाप्त हो गया है। पार्क के नए निदेशक संजीव चतुर्वेदी ने आदेश जारी कर दिया है। उस आदेश के अनुसार अब केवल उत्तराखंड राज्य अतिथि नियमावली की सूची-1 में शामिल संवैधनिक पदों पर बैठे लोगों को ही वीआइपी ट्रीटमेंट दिया जाएगा। उत्तराखंड सरकार ने राज्य अतिथियों के लिए नियम बनाए हैं। नियमावली की सूची-1 में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, भारत के मुख्य न्यायाधीश, कैबिनेट सचिव, तीनों सेनाओं के प्रमुख समेत कुछ चुनिंदा लोग हैं, जो इसमें शामिल हैं।
नहीं चलेगी सिफारिश
संजीव चतुर्वेदी ने अपने आदेश में यह भी लिखा है कि ऊंची पहुंची वाले और अधिकारी अगर किसी तरह की सिफारिश लगाते हैं, तो उनका तुरंत वापस लौटा दिया जाएगा। किसी तरह का दबाव बनाने वालों के बारे में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी जाएगी। उनको कहना है काॅर्बेट पार्क के पास इतने संसाधन नहीं है कि हर रोज वीआइपी लोगों की ही सेवा करता रहे। पार्क के आसपास अच्छे होटल हैं। वहां रुका जा सकता है।
ऑनलाइन कराएं बुकिंग
वीआइपी लोगों के लिए व्यवस्थाएं जुटाने को पार्क के अमले को खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी, जबकि इसका सरकारी कार्मिकों के दायित्व निर्वह्न से कोई वास्ता नहीं है। वह भी तब जबकि पार्क में कार्मिकों की कमी है। अब पार्क में वीआइपी राज खत्म हो गया है। पार्क के निदेशक संजीव चतुर्वेदी की ओर से इस संबंध में जारी आदेश के मुताबिक पार्क प्रबंधन की जिम्मेदारी वासस्थल विकास और सुरक्षा की है। फिर पार्क में ठहरने को पारदर्शी व्यवस्था है। इसके तहत देश के नागरिक अथवा विदेशी मेहमान वन विश्राम गृह के लिए ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं।