उत्तराखंड विधानसभा सत्र। विपक्ष ने सरकार को इन मसलों पर घेरा, उठी CBI जांच की मांग

vidhan sabha

 

उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सरकार को विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के विधायकों ने कई मसलों पर सरकार को घेरा है। परिसंपत्ति विवाद या फिर गैरसैंण में सत्र न कराने को लेकर सरकार को विपक्ष के सवालों के जवाब देने पड़े।

सीबीआई जांच की मांग

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस के विधायकों ने सेवा अधीनस्थ चयन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला। विपक्ष के विधायकों ने आरोप लगाया है कि अधिनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत हो रही भर्तियों में जमकर धांधली हो रही है। ऐसे में इन भर्तियों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सदन में संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा है कि सेवा अधीनस्थ चयन आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं करा रहा है।

परिसंपत्ति विवाद पर सवाल जवाब

बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने परिसंपत्ति विवाद पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का आरोप है कि परिसंपत्तियों को लेकर सरकार ने स्थिती स्पष्ट नहीं की है। सरकार अपनी पीठ थपथपाने के लिए दावा कर रही है कि परिसंपत्तियों का विवाद हल हो गया है। सदन में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने परिसंपत्तियों के मसले उठाए हैं। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार परिसंपत्तियों का वर्तमान स्थिती पर श्वेत पत्र जारी करे।

पेंशन पर अनुपमा रावत के सवाल

वहीं हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत ने वृद्धा पेंशन की अहर्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। अनुपमा रावत की माने तो सरकार ने दिसंबर 2021 में नियम बनाया कि ऐसे पति और पत्नी जिनके बच्चे 20 वर्ष से अधिक की आयु के होंगे उनको वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलेगी। अनुपमा रावत ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए बनाए गए ऐसे मापदंड से कई ऐसे बुजुर्ग हैं जो पेंशन के दायरे से बाहर हो जाएंगे।

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