उत्तराखंड: TTE ने बेटिकट यात्री का सिर फोड़ा, 46 मिनट रोकी ट्रेन, रेलवे को लाखों का नुकसान

रुड़की: ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करने पर टीटीई चालान तो काट सकता है। लेकिन, ऋषिकेश से बाड़मेर जाने वाली जोधपुर एक्सप्रेस में टीटीई ने रुड़की में ना केवल चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी। बल्कि, बेटिकट यात्राी को पीट-पीटकार लहूलुहान कर दिया। ट्रेन को करीब 46 मिनट तक रोका गया। बाद में घायल यात्री और टीटीई ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी। आरपीएफ ने यात्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है। जबकि टीटीई के खिलाफ ट्रेन की चेन पुलिंग करने और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है।

ट्रेन में राजस्थान के जयपुर निवासी राजेंद्र कुमार हरिद्वार से बगैर टिकट कोच नंबर एस-4 में चढ़े थे। कुछ देर बाद टीटीई करण दीप सिंह कोच में आए और राजेंद्र से टिकट मांगा। यात्री ने कहा कि वह चलती ट्रेन में चढ़े हैं और उनके पास टिकट नहीं है। उनका जयपुर जाना जरूरी है, लिहाजा टिकट बना दिया जाए। आरोप है कि इससे नाराज टीटीई ने यात्री के साथ गालीगलौज कर दी।

विरोध करने पर टीटीई ने ट्रेन में चल रहे दूसरे टीटीई को भी बुला लिया और दोनों ने यात्री के साथ मारपीट शुरू कर दी। ट्रेन रुड़की स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर रात 8.20 बजे पहुंची। यात्री के शोर मचाने पर स्टेशन पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी कोच में पहुंची। यात्री ने बताया कि टीटीई ने उनके साथ मारपीट की है और सिर भी फोड़ दिया। पुलिस ने यात्री और टीटीई को उतरने के लिए कहा, लेकिन टीटीई नहीं उतरा और कई बार चेन खींची।

स्टेशन मास्टर ने मामले की सूचना कंट्रोल रूम मुरादाबाद को दी। कुछ देर में सीएमआई अजय तोमर भी पहुंच गए। उनके समझाने पर भी टीटीई नहीं माना और चेन पुलिंग करता रहा। इसके बाद आरपीएफ चैकी प्रभारी रामभरोसे और एएसआई जगत सिंह चैहान को यात्री खिलाफ तहरीर दी। तहरीर के आधार पर आरपीएफ ने यात्री को हिरासत में ले लिया और टीटीई से भी मारपीट के मामले में रुड़की में उतरने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं उतरा।

इस पूरे विवाद के कारण ट्रेन 46 मिनट तक रुड़की में खड़ी रही। ऐसे में आरपीएफ ने इंस्पेक्टर सोनी शर्मा को घटना की जानकारी दी। सोनी शर्मा ने हिरासत में लिए गए यात्री के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया जबकि यात्री की तहरीर पर टीटीई करण दीप सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया। ट्रेन को चेन पुलिंग कर रोकना कानूनी अपराध है। ट्रेन को 46 मिनट रोकने से रेलवे को नौ लाख से अधिक की क्षति हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here