उत्तराखंड में चलाया जाएगा सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा अभियान

देहरादून : भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार 28 सिंतबर से 10 अक्टूबर तक सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा चलाने जा रही है। पखवाड़े के माध्यम से पंचायत, ब्लॉक और आंगनबाड़ियों के जरिए माता-पिता जन सामान्य को जागरूक किया जायेगा और एएनएम, आशा कार्यकरर्तीयों के माध्यम से राज्य के 11 लाख से भी अधिक शिशुओं को लाभांवित किया जायेगा।
सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़े की जानकारी देते हुए नेशनल हैल्थ मिशन के निदेशक ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान ओआरएस और जिंक की गोली निशुल्क दी जायेंगीं। साथ ही उनका कहना है कि मानसून और वर्षा के बाद अक्सर डायरिया के मामले बढ़ जाते हैंं जिसके कारण सरकार द्वारा अब पखवाड़ा चलाया जा रहा है। आपको बता दें कि प्रदेश में फिलहाल डायरिया के 8,400 से अधिक मामले सामने आए हैं।

 

डायरिया के लक्षण 

दिन में लगातार तीन से अधिक बार पतला शौच आना डायरिया का मुख्य लक्षण है। यह साधारणता एक हफ्ते में ठीक हो जाता है। यह क्रोनिक डायरिया कहलाता है। समय पर इलाज न होने पर यह खतरनाक हो जाता है। यह ज़्यादातर बच्चों में होता है और इसमें मृत्यु का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन होता है। पेट में तेज दर्द होना, पेट में मरोड़ होना, उल्टी आना, जल्दी जल्दी दस्त होना, बुखार होना, कमजोरी महसूस करना, आँखें धंस जाना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

डाइरिया का इलाज

ओ०आर०एस० का इस्तेमाल इस बीमारी का सबसे सस्ता और आसान उपचार है। डायरिया से पीड़ित रोगी को तुरंत ओ०आर०एस० का घोल पिलाना चाहिए। यह घोल आसानी से आंतों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है और शरीर में एलेक्ट्रोलाइट्स कि कमी को पूरा करता है। यदि डायरिया बैक्टीरिया के संक्रामण से होता है, तो एंटीबायोटिक लेना आवश्यक हो जाता है।

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