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उत्तराखंड : इस भ्रष्ट अधिकारी ने लगाई सिफारिश, CM ने कर दिया सस्पेंड

aiims rishikesh

देहरादून: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों को पहले ही चेतनावनी दी थी कि जो भी गलती करेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नादेही चीनी मिली के प्रधान प्रबंधक आरके सेठ, को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय अनुभाग से प्राप्त विभिन्न शिकायती पत्रों, जिनमें आरके सेठ मुख्य अभियन्ता/तत्कालीन प्रधान प्रबन्धक के विरुद्ध गम्भीर भ्रष्टाचार और घोटालों की शिकायतें प्राप्त हुई थी।

नादेही चीनी मिल की ऑडिट रिपोर्ट में प्रकाश में वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद आरके सेठ के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही करते हुये रुचि मोहन रयाल, अधिशासी निदेश्क, किच्छा चीनी मिल को जांच अधिकारी नामित करते हुये सक्षम प्राधिकारी/प्रशासक उत्तराखंड के बाद आरोप पत्र जारी किया गया है। साथ ही आरके सेठ को बाजपुर चीनी मिल से संबद्ध कर दिया गया है। आरके सेठ, मुख्य अभियन्ता द्वारा इस कार्यालय के उपरोक्त आदेशों के अनुपालन में अपने वर्तमान तैनाती स्थल नादेही चीनी मिल में अद्यतन अपना कार्यभार ग्रहण नहीं किया।

सेठ का कृत्य उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवेहलना और उनकी स्वेच्छाचारिता का परिचायक है। उन्होंने नियुक्त प्राधिकारी अथवा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी की अनुमति के बिना अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हुये राजनीतिक प्रभाव का प्रयोग करते हुये उनके विरुद्ध गतिमान विभागीय जांच को प्रभावित करने एवं कार्यालय उत्तराखण्ड शुगर्स में महाप्रबन्धक के पद जिस पर उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त हो गई हैं, पर कुचेष्टा कर अनाधिकृत नियमविरुद्ध तैनाती किये जाने का दबाव डालने का प्रयास किया गया है।

उनके आचरण को उत्तरप्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ लि., कर्मचारी मे सेवानियमावली 1988 (उत्तराखण्ड राज्य यथाप्रवृत्त) के नियम 35 36, 41, 42 के स्पष्ट उल्लघन है। आरके सेठ, मुख्य अभियन्ता को उनके द्वारा की गई नियमों की अवेहलना एवं आचरण और अनुशासन के उल्लंघन का प्रथम दृष्टयता दोषी पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में सेठ को उत्तरप्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ लिण् कर्मचारी सेवानियमावली 1988 (उत्तराखण्ड राज्यमयथाप्रवृत्त) के नियम 51 (4) (क) के अनुसार वेतन दिया जाएगा।

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