उत्तराखंड : गिनती ना सुनाने पर छात्रा की डंडे से पिटाई, शऱीर में कई गंभीर घाव के निशान

चंपावत : स्कूली बच्चों के अभीभावक और हम सब स्कूल को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित स्थान मानते हैं क्योंकि यहीं वो जगह है जहां बच्चे को सही मार्गदर्शन, अच्छी जानकारियां, शिक्षा, राय, सुरक्षा मिलती है. हम बच्चों को स्कूल में भेजकर निश्चित हो जाते हैं औऱ घरों में अपने कामों में मस्त रहते हैं. लेकिन आज के समय में परिजन अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरने लगे है कतराने लगे हैं.

अगर देहरादून के उस वाक्या के बारे में सोचा जाए जिसमें एक स्कूल का छात्र बस से नीचे गिर गया तो आज भी रुह कांप जाती है जिससे कहा जा सकता है कि बच्चे अब स्कूलों में भी सुरक्षित नहीं है. याद जीआरडी स्कूल के उस वाक्या को किया जाए जहां स्कूली छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया तो आज भी रुह कांप जाती है. आए दिन शिक्षकों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़, मार-पिटाई करना, मानसिक शोषण करने के कई मामले सामने आ चुके हैं.

चंपावत(टनकपुर) सूखीढांग क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की घटना

वहीं एक बार फिर से चंपावत(टनकपुर) सूखीढांग क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौड़ाकोट से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां एक शिक्षक-शिक्षिका ने सिर्फ इसलिए 3 की कक्षा की छात्रा की बेरहमी से पिटाई की क्योंकि वो गिनती नहीं सुना पाई थी. छात्रा की डंडों से पिटाई की गई जिसके निशान छात्रा के पीठ पर हैं. वहीं फिर से बच्चे की बेरहमी से पिटाई करने घायल छात्रा को उसके पिता और गांव के लोग 108 वाहन से संयुक्त चिकित्सालय ले गए. उपचार के बाद छात्रा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। छात्रा को लेकर उसके पिता एसडीएम कार्यालय पहुंचे लेकिन वह नहीं मिले।

इससे पहले भी की थी छात्रा की पिटाई

छात्रा के पिता से मिली जानकारी के अनुसार ये पहली बार नहीं है जब उनकी बेटी की पिटाई की गई बल्कि इससे पहले भी छात्रा को पीटा गया था लेकिन पहले इतनी बुरी तरह पिटाई नहीं की गयी थी. छात्रा के पिता का कहना है कि इस बार वो ऐसे शिक्षकों के खिलाफ जरुर एक्शन लेंगे.

बेटी की पीठ पर निशान देख हैरान रह गए थे परिजन

मिली जानकारी के अनुसार धूरा सूखीढांग निवासी रमेश सिंह की बेटी सीमा (8) राप्रावि चौड़ाकोट में कक्षा तीन में पढ़ती है। परिजनों को इस बात का पता तब चला जब बीते दिन छात्रा स्कूल से घर लौटी और कपडे़ बदली कर रही थी. पिता ने बेटी की पीठ पर कई निशान देखे औऱ हैरान रह गए. इसके बाद छात्रा के पिता ने बेटी से इस बारे में पूूछा तो बच्ची ने बताया कि गिनती न सुनाने पर शिक्षक और शिक्षिका ने उसकी डंडे से पिटाई की है।

शरीर पर कई घाव के निशान

ये जानने के बाद बच्ची के माता-पिता स्कूल पहुंचे लेकिन छुट्टी हो जाने के कारण वो नहीं मिले. तब छात्रा के पिता और गांव के लोग छात्रा को लेकर 108 वाहन से टनकपुर संयुक्त चिकित्सालय ले गए. जहां उसका इलाज किया गया. वहां के डॉक्टर से जानकारी मिली की छात्रा की डंडे से पिटाई की गयी है. मिली जानकारी के अनुसार छात्री की पीठ पर एक दर्जन से भी अधिक धाव के निशान थे.

मिली जानकारी के अनुसार दोनों शिक्षकों के बचाव में कई शिक्षक आ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मामले को हवा लगने के बाद अब शिक्षक नेता सक्रिय हो गए हैं, जो समझौता कराकर आरोपी शिक्षकों को बचाने की कोशिश में लगे हैं.

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने दिया सख्त कार्रवाही करने का आश्वासन

वहीं चंपावत के मुख्य शिक्षा अधिकारी बेसिक सत्यनारायण का इस मामले पर कहना है कि अगर शिक्षकों ने ऐसा किया है तो यह आपराधिक कृत्य है। मामले की जांच कराई जाएगी। शिक्षक दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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