उत्तराखंड : बूढ़े मां-बाप को नहीं बेटे की शहादत की खबर, हर रोज की तरह काम में लगे

अल्मोड़ा : नियंत्रण रेखा से सटे जम्मू की अखनूर तहसील के पलांवाला सेक्टर में शनिवार को अभ्यास सत्र के दौरान हुए धमाके में जहां अल्मोड़ा का एक लाल शहीद हो गया. इसमे गढ़वाल रायफल का जवान भी शहीद हुआ जो चमोली का निवासी था.

शहीद के पार्थिव शरीर को दी गयी आर्मी ग्राउंड में सलामी 

वहीं सूरज सिंह भाकुनी का पार्थिक शरीर अल्मोड़ा पहुंचा. शहीद के पार्थिव शरीर को आर्मी ग्राउंड में सलामी दी गयी. जिसमें केंद्रीय कपड़ा मंत्री अजय टम्टा, राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा, जिला अधिकारी और आर्मी के अधिकारी मौजूद रहे. सलामी देने के बाद पार्थिक सरीर उनके गाँव भनोली के लिए रवाना किया गया.

बूढ़े मां-बाप की नहीं खबर

वहीं सूत्रों की मानें तो बेटे की शहादत की खबर शहीद सूरज के बूढ़े मां बाप को अभी तक नहीं है। आसपास के लोग उन्हें इस घटना के बारे में बताने से कतरा रहे हैं तो वहीं बूढ़े मां बाप हर रोज की तरह अपना काम कर रहे हैं. ये देखकर लोग अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।अल्मोड़ा में की थी सेना की तैयारी

इंटर के बाद हुए थे भर्ती, पिता करते हैं दर्जी का काम

सूरज ने इंटर की परीक्षा पास करने के बाद से ही आर्मी में भर्ती के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए सूरज ने अपने दोस्तों के साथ अल्मोड़ा में कमरा भी लिया और यहीं सेना की तैयारी भी की। कड़ी मेहनत के बाद (2015 में)दो तीन सालों में ही वह सेना में भर्ती भी हो गया था और वो कुमाऊं रैजीमेंट में थे. सूरज पालड़ी गांव में दर्जी का काम करने वाले नारायण सिंह के बेटे हैं। सूरज की तीन बहनें और एक भाई भी है।

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