उत्तराखंड : IPS रावत की पहल किसानों के लिए हो रही वरदान साबित, वो भी एकदम फ्री

उधम सिंह नगर (मोहम्मद यासीन) :उत्तराखण्ड में एक आईपीएस द्वारा की गई पहल किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है । उनकी की गई पहल से किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। पुलिस अधिकारी होने के साथ ही खेती-किसानी में भी रुचि रखते हैं। अपने आवास पर रसायन रहित जैविक तरल खाद तैयार की है। अब तक इस टेक्निक को हजारों किसानों ने पसंद किया है और इसका लाभ भी उठा रहे हैं। जो कि ये किसानों को निशुल्क प्रदान करा रहे हैं।

2000 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं पूरन सिंह रावत रावत

आपको बता दे कि 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी पूरन सिंह रावत रावत कुमाऊँ मंडल के डीआईजी और आईजी रह चुके हैं अभी देहरादून में सीआईडी में हैं। आईपीएस रावत अपनी खाली समय मे इस कार्य को अंजाम तक पहुंचा रहें हैं। रावत ने अपने आवास पर तैयार खाद का पहले अपने ही गार्डन में परीक्षण किया उसके बाद अपने 11 एकड़ खेतों में गेंहू की फसल पर सिर्फ जैविक खाद्य का प्रयोग किया और गेंहू की फसल की पैदावार बहुत अच्छी हुई है। स्वयं अपने खेतों में जैविक खादों का प्रयोग किया और आज गेंहू की फसल बहुत अच्छी हुई है। इतना ही नही आईपीएस इस का प्रचार किसानों तक पहुंचाने के पर्पज से सोशल मीडिया के माध्यम से खूब कर रहें हैं। आलम यह है कि अब देश के कौन कौन से इस विधि को जानने के लिए किसान पहुंच रहें हैं।

IPS ने वेस्ट डिकॉम्पोज़र नामक एक तरल जैविक खाद का शोध कर किसानों के बीच पहुंचाया

जनपद उधम सिंह नगर में जैविक खाद का प्रयोग करना दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। उत्तराखंड में उधम सिंह नगर जनपद खेती में सबसे ज्यादा है। इस जनपद में एशिया का प्रथम गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय है। जिसमे देश और विदेश में कृषि शोध में बहुप्रसिद्ध है। इस जनपद में अब तेजी से किसान रासायनिक खाद से मोह भंग होता जा रहा है और किसान जैविक खाद को ज्यादा पसंद कर रहें हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड के आईपीएस पूरन रावत ने किसानों के लिए एक वेस्ट डिकॉम्पोज़र के नाम एक तरल जैविक खाद का शोध कर किसानों के बीच पहुंचाया। अब इस विधि द्वारा किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है और इस विधि को किसान तेजी से पसन्द कर रहें हैं। ओर किसान देश के दूर दराज से किसान इसका लाभ लेने के लिए पहुंचते दिखाई दे रहें हैं।

आईपीएस पूरन रावत के द्वारा निशुल्क दिया जा रहा

किसानों की मानें तो इन वेस्ट डिकॉम्पोज़र से उन्हें अच्छा लाभ मिल रहा है। इसके प्रयोग करने से उनकी पैदावार में इजाफा हो रहा है। ये आम जैविक खाद से बेहतर है। इसके प्रयोग करने से किसानों को अच्छा लाभ प्राप्त हो रहा है। इस विधि के द्वारा तैयार जैविक खाद को प्रयोग करके किसान बेहद खुश नजर आ रहें हैं। किसानों की मानें तब अब वह इसी विधि के द्वारा जैविक खाद का प्रयोग कर राहें हैं। इस विधि को जानने के लिए देश के कौने कौने से किसान पहुंच रहें है। और साथ में इसका आईपीएस पूरन रावत के द्वारा निशुल्क दिया जा रहा है।

प्रयोग किसानो के लिए लाभदायक बताया है। जैविक खाद का प्रयोग करना किसानो के लिए एक लाभदायक है ।

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