लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड

देहरादून : उत्तराखंड के पशुपालन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने प्रेसवार्ता आयोजन की जिसमें उन्होंने राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने और उससे होने वाले फायदे के बारे में जानकारी दी. साथ ही लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना ये भी जानकारी दी.

इस दौरान पशुपालन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है. पशुपालन सचिव ने बताया कि लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला के जरिए उत्तराखंड में मादा पशु बढ़ेंगे और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी होगी. इसके उत्पादन से 90 प्रतिशत बछिया पैदा होगी, नर पशुओं की संख्या में कमी आएगी। जिससे 2022 तक कृषकों की आय दोगुना करने का लक्ष्य भी पूरा होगा.

परियोजना की कुल लागत 47.50 करोड़ 

मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना की कुल लागत 47.50 करोड़ है. परियोजना में केंद्र और राज्य का 90 और 10 प्रतिशत का औसत रहेगा. साथ ही बताया कि फ्लोसाइटोमेट्री विधि का परिष्कृत रूप स्पर्म स्टोरिंग टेक्नोलॉजी है.

ऋषिकेश के श्यामपुर में बने लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला का लोकार्पण

आपको जानकारी के लिए बता दें सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऋषिकेश के श्यामपुर में बने लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला का लोकार्पण किया है. जिससे पशुपालन के साथ दुग्ध उत्पादन में बढोतरी तो होगी ही साथ ही कई लोगों को रोजगार मिलेगा.

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