राजेंद्र नेगी…नाम तो याद होगा, कश्मीर में लापता जवान को भूल गया देश समेत उत्तराखंड

देहरादून : राजेंद्र नेगी…नाम तो याद होगा…जी हां वहीं राजेंद्र नेगी जो की देश का बहादुर जवान है…जो देश की सुरक्षा के लिए कश्मीर के बर्फीले इलाके में तैनात थे…जी हां वहीं हवलदार जवान राजेंद्र नेगी जिनको ढूंढने और वापस लाने की मांग उत्तराखंड की जनता ने, नेताओं ने मंत्रियों ने कुछ दिनों तक की और आज उसे भूल गए। जी हां वहीं राजेंद्र नेगी जो देवभूमि में पैदा हुआ देश की रक्षा के लिए…हम तो ‘हैं’ ही लिखेंगे क्योंकि वो हमारे दिलों में हमेशा जिंदा थे और रहेंगे…लेकिन शायद सरकार सोई है…जिसे देश के जवान की कोई फिक्र नहीं असली योद्धा वहीं हैं..

देवभूमि का बहादुर बेटा 8 फरवरी से लापता

लेकिन हम कैसे भूले…आखिर हमारे देश का हमारी देवभूमि का जवान जो है…हां हम है ही कहेंगे क्योंकि वो हमारे देश के बहादुर जवान हैं…देवभूमि का बहादुर बेटा है जो देश की रक्षा के लिए गुलमर्ग से 8 फरवरी से लापता है। लोगों ने कुछ दिनों तक तो हाथ में बैनर लिए राजनैतिक दबाव सीएम से लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर बनाया लेकिन हम सब खो से गए हैं लेकिन आखिर देश के जवान को हम कैसे भूल सकते हैं। कहां हैं वो किस हाल में हैं हम नहीं जानते लेकिन एक बार फिर से मुद्दा उठाते हैं कि हमारा देश का जवान कहां है।

 उनका परिवार, उनकी पत्नी, उनके बच्चे जवान की राह ताक रहे

दुश्मनों को मारने की सेना को खुली छूट देेने वाले पीएम से अपील है कि देवभूमि और देश के बहादुर जवान राजेंद्र नगी की तलाश की जाए। आज भी उनका परिवार, उनकी पत्नी, उनके बच्चे जवान की राह ताक रहे हैं. बच्चे टीवी में न्यूज चैनल देखते हैं कि कब पापा के मिलने की खबर चले औरकब पापा घर आएँ।

8 जनवरी की शाम से कश्मीर के गुलमर्ग में लापता हुए थे जवान

आपको बता दें कि 8 जनवरी की शाम से कश्मीर के गुलमर्ग में लापता हुए जवान हवलदार राजेन्द्र सिंह नेगी का आज तक कुछ पता नहीं चल पाया है. राजेन्द्र सिंह के परिवार ने उनके गायब होने की जानकारी दी थी और सरकार से गुहार लगाई थी वो राजेन्द्र को ढूंढने के लिए सेना से बात करे. सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा था कि जवान राजेन्द्र को लेकर वह रक्षा मंत्री से सम्पर्क में हैं. साथ ही कोशिश है कि जवान को सकुशल उनके घर लाया जा सके.

8 तारीख को हुई थी पत्नी से बात

राजेन्द्र सिंह नेगी के परिवार में माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चे हैं जिनका राजेन्द्र सिंह नेगी के गायब होने के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है.आज तक वो उनकी राह ताक रहे हैं। राजेन्द्र से उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी की बात आखिरी बार 8 जनवरी को सुबह 10 बजे हुई थी. इसके बाद सेना 9 तारीख को उनके भाई को कर्णप्रयाग स्थित आवास पर जानकारी दी की 8 तारीख की रात से जवान का पता नहीं चल पा रहा है.

आखिरी बार पत्नी से कहा था- गुलमर्ग के हालात बर्फ़बारी के बाद बेहद खराब है.

इस ख़बर के बाद राजेन्द्र के भाई अपने माता-पिता को लेकर राजेन्द्र के दून स्थित आ‌वास पहुंचे जहां उनकी पत्नी और बच्चे रहते हैं. ख़बर सुनने के बाद से ही राजेन्द्र की पत्नी का बुरा हाल है.  राजेश्वरी देवी ने बताया था कि आखिरी बार हुई बातचीत में राजेन्द्र ने कहा था कि गुलमर्ग के हालात बर्फ़बारी के बाद बेहद खराब है. उसके बाद से ही उनका फोन भी रिचार्ज न होने के कारण डिस्कनेक्ट हो गया था.

राजेन्द्र बर्फ में फिसलकर गिर गए और पाक सीमा में चले गए हैं- सेना

सेना की तरफ से कहा गया कि रात को गश्त के दौरान अंदेशा जताया जा रहा है कि राजेन्द्र बर्फ में फिसलकर गिर गए और पाक सीमा में चले गए हैं. तबसे सेना भी राजेन्द्र को ढूंढ रही है लेकिन बर्फ़बारी सर्च ऑपरेशन में रोड़ा अटका रही है.

कई मंत्री-विधायक पहुंचे जवान के आवास पर लेकिन…

परिवार को ढाढस बंधाने के लिए पूर्व सीएम से लेकर तमाम मंत्री-विधायक उनके आवास में गए लेकिन आज तक कोई ये नहीं बता पाया कि राजेंद्र नेगी कहा हैं. राजेन्द्र के भाई बताते हैं कि सेना की तरफ से बताया गया है कि गुलमर्ग में 20 फ़ीट तक बर्फ़ जमी है. भारत-पाक सीमा में जाने का भी अंदेशा है इसलिए सर्च ऑपरेशन में भी कई दिक्क़ते हैं.

हमारी राज्य और केंद्र सरकार से अपील है कि देवभूमि के जवान राजेंद्र नेगी को ढूंढा जाए। आखिर वो हैं कहां? पता तो लगाया जाए…अगर वो बर्फ में कही हैं तो कम से कम तलाश की जाए और अगर वो पाक चले गए हैं तो पता लगाया जाए कि वो कहां किस हाल में हैं।

                                                                                           दीपिका रावत

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