उत्तराखंड : फिर सुलगने लगी आरक्षण की आग, इनके बीच होगा घमासान

देहरादून: प्रमोशन में आरक्षण को लेकर खूब घमासान हुआ था। जनरल-ओबीसी और एससी/एसअी कर्मचारी संघ इसको लेकर आमने-सामने आ गए थे। मामला मंत्री यशपाल आर्य के मंत्री पद छोड़ने की धमकी तक जा पहुंचा था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसल के अनुरूप प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त कर दिया। लेकिन, जंग यहीं खत्म नहीं हुई।

सरकार ने सीधी भर्ती में आरक्षण का रोस्टर तैयार किया था, जिसमें पहला पद जनरल के लिए आरक्षित किया गया था। सरकार में मंत्रियों के विरोध के बाद सरकार ने फैसला पलटते हुए फिर से पहला पद एससी/एसटी के लिए आरक्षित कर दिया। अब इसको लेकर बवाल होना तय है। जनरल-ओबीसी कर्मचारी मोर्चा ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। वहीं, एससी/एसटी कर्मचारी संघ ने भी पीछे नहीं हटने का एलान कर दिया है। उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन का कहना है कि सीधी भर्ती के रोस्टर में पहला पद अनुसूचित जाति का था, है और हमेशा रहेगा। अगर इससे छेड़छाड़ की तो फेडरेशन बर्दाश्त नहीं करेगी

उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि पूरे प्रदेश में एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिजनों में रोस्टर नीति को लेकर भारी रोष है। वे प्रमोशन में आरक्षण की तरह ही रोस्टर नीति के विरोध में निर्णायक लड़ाई लडने के पक्ष में हैं। आरक्षण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अखिल भारतीय समानता मंच ने सीधी भर्ती रोस्टर में एससी के लिए पहला पद चिन्हित करने को नैसर्गिक न्याय के खिलाफ बताया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here