उत्तराखंड पुलिस का ऑपरेशन : मिलावट खोरों की खैर नहीं

देहरादून : अक्सर त्यौहारों के समय अधिक मुनाफा कमाने के लिए दुकानदार और व्यापारी खाद्य पदार्थौं में मिलावट करते पाए गए हैं और कई मामले ऐसे अब तक सामने आ चुके हैं जिससे जनता के स्वास्थय से खिलवाड़ किया जाता है. इसे लेकर उत्तराखंड पुलिस सतर्क हो गई है. जी हां आज डीजी अशोक कुमार ने आगामी दशहरा, दीपावली आदि त्यौहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों जैसे दूध, मावा, पनीर आदि में मिलावट करने वाले असमाजिक तत्वों के विरुद्ध 01 से 31 अक्टूबर तक एक माह का विशेष अभियान चलाने के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए.

डीजी अशोक कुमार ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जनपदों में उक्त विशेष अभियान के लिए टीम का गठन करें। मैदानी जनपद में अभियान के नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक नगर/देहात और पर्वतीय जनपद में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी होंगे। साथ ही अभियान के दौरान खाद्य विभाग के अधिकारियों की तकनीकी आवश्यकता पड़ने पर खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित किया जा सकता है।

नौडल अधिकारियों को निर्देश

डीजी ने कहा कि अभियान के दौरान नौडल अधिकारियों टीम का नेतृत्व कर प्रतिदिन की कार्यवाही की समीक्षा की जाये। जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेते हुए निकट पर्यवेक्षण और कुशल मार्गदर्शन में अभियान चलाकर टीमों द्वारा की जा रही कार्यवाही की समीक्षा कर अभियान की अद्यावधिक पाक्षिक समीक्षा आख्या परिक्षेत्र स्तर पर संकलित कर पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध करायेंगे।

डीजी अशोक कुमार ने बताय गया कि आगामी दशहरा, दीपावली आदि महत्वपूर्ण त्यौहारों के अवसर पर दूध, मावा, पनीर, व मावा से बनने वाली मिठाईयों की अधिक खपत होती है, जिसमें आवश्यकता से अधिक दूध, मावा व पनीर की जरुरत होती है। जिसका असामाजिक तत्वों द्वारा फायदा उठाकर विभिन्न प्रकार के केमिकल, पाउडर आदि पदार्थ मिलाकर नकली मावा तैयार कर आमजनमानस के जीवन से खिलवाड़ करते हैं। खाद्य पदार्थों मे मिलावट कारना एक गम्भीर प्रवृत्ति का अपराध है, जिसमें धारा 272 से 276 भादवि के अन्तर्गत आजीवन कारावास तक का प्राविधान है।

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