उत्तराखंड : बापू की 150वीं जयंती पर तीन विदेशी समेत 23 कैदी हो सकते हैं रिहा

देहरादून : गांधी जयंती के अवसर पर केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्णयानुसार 23 कैदियों की सजा माफ हो सकती है। इनमें तीन विदेशी कैदी भी शामिल हैं। इसका फैसला 20 सितंबर को भारत सरकार के साथ होने वाली वीडियो कान्फ्रेंसिंग के बाद लिया जाएगा। इससे पहले प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति अभी तक मिली इन 23 नामों पर चर्चा करेगी। इससे इनकी संख्या में बदलाव संभव है।

केंद्र के दिशा निर्देशानुसार प्रदेश सरकार ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर जेल में बंद विभिन्न श्रेणी के कैदियों को रिहा करने की घोषणा की थी। इनकी रिहाई तीन चरणों में होनी है। पहली रिहाई इसी वर्ष दो अक्टूबर, दूसरी रिहाई अगले वर्ष 10 अप्रैल को चंपारण सत्याग्रह की वर्षगांठ पर और तीसरी रिहाई अगले वर्ष दो अक्टूबर को होगी।

महिलाएं, किन्नर और बुजुर्ग पुरुष शामिल

इसके लिए तय मानकों के तहत अपनी आधी सजा काट चुकी 55 साल से अधिक उम्र की महिलाएं व किन्नर और 60 साल से अधिक आयु के पुरुष शामिल हैं। इसकेसाथ ही 70 फीसद से अधिक विकलांगता वाले किसी भी उम्र के ऐसे व्यक्ति, जो आधी सजा काट चुके हैं वे भी माफी के हकदार होंगे। इसके साथ ही दो-तिहाई सजा पूरी कर चुके कैदी को भी रिहा करने का प्रावधान है।

इन कैदियों की नहीं होगी रिहाई

हालांकि केंद्र ने यह भी साफ किया है कि भ्रष्टाचार, आतंकवाद, दहेज हत्याएं व बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में सजा काट रहे या उम्रकैद की सजा पाए कैदियों की रिहाई नहीं होगी। शासन ने इसी कड़ी में प्रदेश में सभी जेलों से मानक पूरा करने वाले कैदियों की सूची मंगाई थी। शासन को ऐसे 23 कैदी मिले हैं, जो इन मानकों को पूरा कर रहे हैं। प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में गठित समिति, जिसमें सचिव न्याय व आइजी जेल शामिल हैं, इसका अंतिम परीक्षण करेगी।

सूची को मुख्यमंत्री कार्यालय के जरिये राजभवन भेजा जाएगा

20 सितंबर को केंद्र के साथ होने वाली वीडियो कान्फ्रेंसिंग के बाद इस सूची को मुख्यमंत्री कार्यालय के जरिये राजभवन भेजा जाएगा। वहां से मुहर लगने के बाद इन कैदियों की रिहाई होगी। प्रमुख सचिव गृह आनंद व‌र्द्धन ने कहा कि केंद्र से होने वाली वीडियो कान्फ्रेंसिंग के बाद इस सूची को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

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