उत्तराखंड: देश के सबसे बड़े साइबर ठगी मामले में खुलने लगी परतें, अब हुआ ये बड़ा खुलासा

देहरादून: STF साल के सबसे बड़े साइबर घोटाले की अलग-अलग परतें खोल रहा है. उत्तराखंड STF पहले ही दो दर्जन से अधिक SHELL कंपनियों का ब्योरा साझा कर चुकी है. यह ऑनलाइन घोटाला वॉलेट और वित्तीय इकाई सुधारों के लिए ऐतिहासिक मामला हो सकता है क्योंकि सभी संस्थाएं संज्ञान ले रही हैं. पावर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधडी के प्रकरण में गृह मंत्रालय भारत सरकार के Indian Cyber Crime coordination Centre को 20 सदिग्ध चार्टेड अकाउन्टेन्ट की सूची प्रेषित की गई.

शासन के सहयोग से उत्तराखण्ड़ पुलिस को और अधिक आधुनीक किया जा रहा है, जिससे उत्तराखण्ड SMART पुलिसिंग की ओर देश मे अग्रसर है तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है. साइबर अपराधियों द्वारा पावर बैंक नामक एप के माध्यम से पैसे इन्वेस्ट करने पर 15 दिन मे पैसे दोगुने करने का लालच देकर आम जनता से धनराशि विभिन्न ई-वालेट (पेटीएम/रोजर पे) के माध्यम से प्राप्त कर विभिन्न बैक खातो में जमा कराकर करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है.

जिस पर उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ऐसे अपराधों की रोकथाम हेतु स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मिलकर पूरे राज्य में पावर बैक के नाम से धोखाधडी की प्राप्त शिकायतो में 08 प्रकरणों में अभियोग पंजीकृत किया गया. अभियोगों की विवेचना में अब तक 30 बैक खाते व एसटीएफ ने सभी संबंधित बैंक प्रबंधकों और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ विभागीय और कानूनी जांच के लिए पहले ही पत्र जारी कर दिया है. उस के साथ 12 अभियुक्त प्रकाश में आये है (02 अभियुक्त गिरफ्तार+06 अभियुक्तो के विरुद्व वारण्ट बी+01 अभियुक्त के विरुद्व गैर जमानती वारंट+02 अभियुक्त के विरुद्व 41 दण्ड प्रक्रिया सहिता का नोटिस+01 अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु इन्टरपोल से सम्पर्क किया गया है). पूर्व में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने मामलों के सभी निष्कर्षों को संबंधित राज्य पुलिस प्रमुखों के साथ साझा किया था.

उक्त प्रकार के अपराधो के पूरे देश से आँकडे एकत्रित किये गये तो पावर बैक सम्बन्धी पूरे देश में करीब 239 अभियोग विभिन्न राज्यो (8 उत्तराखण्ड+178 तेलगांना+19 पश्चिम बगांल+13 उत्तर प्रदेश+5 हरियाणा+4 तमिलनाडू+3 कनार्टका+2 छत्तीसगढ+2 महाराष्ट्र+2 उडीसा+1 बिहार+1 चण्डीगढ+1 दिल्ली) में पजीकृत कराये गये है जिसमें पूरे देशभर में करीब 25 अभियुक्तो की गिरफ्तारी की गयी है. प्रकरण काफी गम्भीर एवं इसमे विदेशी नागरिको/कम्पनियो के जुड़े होने के साक्ष्य प्राप्त होने के कारण राष्ट्रीय एजंसियो CBI, IB, ED व सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक व राजस्व खुफिया निदेशालय आदि से भी समन्वय स्थापित कर सहयोग लिया जा रहा है.

साथ ही अन्तराष्ट्रीय एजेंसियो से भी सम्पर्क स्थापित करने का प्रयास जारी है. ऐसे ही एक प्रकरण में करोडों रुपयों के ट्राजेक्शन के दृष्टिगत ED द्वारा इस सम्बन्ध में Crypto Currency Exchanger को नोटिस (2700 crore) प्रेषित किया गया है । साथ ही, अन्य क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजर्स के खिलाफ रिपोर्ट आगे की गहन पूछताछ के लिए प्रस्तुत की गई| प्रकरण में 350 करोड रुपये से अधिक की धनराशि की हेरा-फेरी होने का अनुमान है व करीब 06 करोड रुपये विभिन्न बैक खातो में विभिन्न राज्य पुलिस द्वारा फ्रीज कराया गया है ।

अभियोग में विवेचना के दौरान पाया कि आरोपियो द्वारा धनराशि के लेनदेन हेतु अधिकांशतः RAZORPAY & Paytm Wallet/Gateway का प्रयोग किया गया । उक्त सम्बन्ध में टीम द्वारा RAZORPAY & Paytm Gateway से सम्पर्क कर करोड़ो की धोखाधड़ी में RAZORPAY/ Paytm Gateway का उपयोग होना तथा आरोपियों के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गयी । उनके प्रतिनिधि को बुलाकर देहरादून में पूछताछ की गई। अब उन्हें किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए अपने सभी उत्तर लिखित रूप में औपचारिक रूप से प्रस्तुत करने के लिए दिया गया है |

उल्लेखनीय है एसटीएफ ने अपराधियों को खोजने के लिए रेज़रपे को लगातार नोटिस जारी किया और इस तरह के उच्च लेनदेन के कारणों के बारे में पूछा| इस क्रम में RAZORPAY के legal Head के द्वारा दिनांक 01-06-2021 को साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन बैंगलोर मे पावर बैंक से सम्बन्धित कम्पनियों : 1- H&S Ventures Inc, 2- Clifford Ventures, 3- Lorfly Technology Pvt. Ltd., 4-Biosoft Ventures Inc, 5-Maojaza Technology Pvt. Ltd. 6- Divyam Infracon Pvt. Ltd., 7- 360TEQ Software Pvt. Ltd, 8-Centrono Solution Pvt. Ltd, 9- Purplehues Sunny Communication Pvt. Ltd, 10- Sachin Mapleleaf Communication (OPC) के निदेशको सहित 13 कंपनियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया.

साईबर थाने द्वारा तकनीकी रुप से यह जानकारी भी प्राप्त की गयी जिसमे कि धोखाधड़ी से प्राप्त कुछ धनराशि को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजे जाने के साक्ष्य प्राप्त हुये है, साथ ही धोखाधड़ी हेतु प्रयुक्त पावर बैंक एप को Hongkong China से संचालित किया जा रहा था. वर्तमान में प्रचलित अन्य कई संदिग्ध एप के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुयी है जो इसी प्रकार के अवैध कार्यो मे लिप्त है जिनमे मुख्यतः EZ Point, Sun factory, Lightening Power Bank, EZ Coin, Fish+ आदि सम्मिलित है.

उल्लेखनीय है कि 2020 में कोरोना संकट के समय कुछ चीनी लोगो द्वारा पावर बैंक एप्प के माध्यम से धनराशि दोगुना करने का लालच पावर बैंक एप्पे के माध्यम से धोखाधडी की गयी, जिसमें दिल्ली/गुरुग्राम/नोएडा निवासी 20 चार्टेड अकाउन्टेन्ट के द्वारा चीनी नागरिको के सम्पर्क में आकर फर्जी Shell Companies खोलकर अपराध करने की सदिग्धता प्रकाश में आयी है, जिसके सम्बन्ध में उक्त सदिग्ध 20 चार्टेड अकाउन्टेंट की सूची भारत सरकार के Indian Cyber Crime coordination Centre को जाँचोपरान्त कार्यवाही हेतु प्रेषित की गयी है तथा व्हटसपर ग्रुप के माध्यम से विभिन्न राज्य पुलिस को उक्त सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही हेतु जानकारी भी साझा की जा रही है.

मामले की जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है. साथ ही मामले के निष्कर्ष कई वित्तीय संस्थाओं के कामकाज में सुधार करने में मदद करेंगे. उत्तराखंड एसटीएफ अन्य सभी राज्यों के लिए नए ऐप और नए तौर-तरीकों को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है तथा और भी ऐसे एप्स को चिन्हित करके उनके विरोध पूरे देश में अलर्ट जारी करेगा, जहां नकली वेबसाइट/ऐप सामान बेच रहे हैं और लोगों को धोखा दे रहे हैं.

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