उत्तराखंड : नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई, 3 अक्टूबर को ही लौटे थे ड्यूटी पर

रामनगर- जम्मू कश्मीर के उधमपुर में तैनात 19 गढ़वाल रायफल के हवलदार यशपाल सिंह का ब्रेन हेमरेज के कारण निधन हो गया था। वहीं आज उनका पार्थिव शरीर उनके रामनगर के पीरुमदारा स्थित आवास पर लाया गया। जहां अंतिम दर्शन के दौरान सभी की आंखें नम रही। परिवार में कोहराम मचा हुआ था। पत्नी बच्चों समेत रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था। शहीद के दो मासूम बच्चे हैं जो पिता को ताबूत में देख रो रहे थे। वहीं अंतिम दर्शन के बाद रामनगर के विश्राम घाट में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। यशपाल सिंह अपने पीछे पत्नी दो बच्चे को परिजनों को रोता बिलखता छोड़ गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार 3 अक्टूबर को छुट्टी से ड्यूटी पर लौटे थे। यशपाल वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में 19 गढ़वाल राइफल्स में तैनाथ थे जो की अचानक 5 अक्टूबर के दिन ड्यूटी के दौरान गिर गए और उनके सिर पर चोट लगी। साथी सैनिक उन्हें सैन्य अस्पताल ले गए जहां 6 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं आज उनता पार्थिव शरीर उनके रामनगर स्थि आवास पर लाया गया। 48 आरआर बटालियन के सुविधा राजवीर सिंह ने बताया कि 5 अक्टूबर को रॉलल कॉल के दौरान वह गिर पड़े थे और उनके सिर पर चोट लगी थी।

बता दें कि यशपाल मूल रुप से पौड़ी के बैजरों के निवासी थे जो वर्तमान में रामनगर में रहते थे। वहीं उनका मकान था और पूरा परिवार वहीं रहता है।

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