उत्तराखंड क्रांति दल के कई दिग्गज नेता मैदान छोड़कर भागे, बनाए ये बहाने

देहरादून : उत्तराखंड क्रांति दल के सभी बड़े नेताओं चुनावी मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए औऱ कई बहाने बनाए। दूसरी और तीसरी पांत के नेता भी चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। टिहरी सीट पर घोषित किए उम्मीदवार ऐन मौके पर बिमारी का बहाना बनाकर मैदान छोड़ भाग गए. उनकी जगह किसी और को अचानक तैयार करके सियासी जंग में झोंकना पड़ा। नैनीताल सीट पर घोषित किए गए उम्मीदवार नामांकन कराने का समय गुजरने के बाद पहुंचे। बाद में पार्टी ने आरोप लगा दिया कि भाजपा की साजिश से वह नामांकन नहीं करवा सके।

उक्रांद का राज्य और पहाड़ निर्माण में खासा योगदान

राज्य और पहाड़ में खासा योगदान देने वाली पार्टी आज बेबस नजर आ रही है. जी हां आपको बता दें उक्रांद ने राज्य निर्माण में अहम योगदान दिया है और कई आंदोलन किए हैं. 1989 के चुनाव में यूकेडी के उम्मीदवारों ने राष्ट्रीय दलों की नाक में दम कर दिया था। लेकिन अब उसके उम्मीदवारों का मैदान छोड़कर भागना प़ड रहा है.

प्रत्याशी ने बताया खुद को अस्वस्थ

आपको बता दें टिहरी सीट से डीडी शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन ऐन मौके पर उन्होंने खुद को अस्वस्थ बताते हुए चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। दोपहर 12 बजे तक हालात ऐसे हो गए कि पार्टी के पास टिहरी सीट पर प्रत्याशी ही नहीं रहा। जैसे तैसे पिछली बार चुनाव लड़ चुके जयप्रकाश उपाध्याय की मान मनोव्वल की गई। उन्हें चुनाव लड़ने को तैयार किया गया। तब जाकर अंतिम समय में उन्होंने टिहरी सीट पर नामांकन हो पाया। नैनीताल लोकसभा सीट पर तो स्थिति और भी अजीबोगरीब रही। यहां उक्रांद प्रत्याशी चौधरी विजयपाल सिंह नामांकन के लिए सही समय पर पहुंचे ही नहीं। समय खत्म होने के तीन मिनट बाद निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर पहुंचे, लिहाजा उनका नामांकन नहीं हो पाया।

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