उत्तराखंड : हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब, भेदभाव क्यों ?

नैनीताल : नैनीताल हाईकोर्ट ने हवाई सेवा से आने वाले प्रवासियों से भेदभाव मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को 9 जून तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य सचिव, नागरिक उड्डयन सचिव को भी नौ जून तक जवाब दाखिल करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उमेश कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हवाई जहाज से आने वाले प्रवासियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। सरकार की ओर से यहां आने वाले प्रवासियों को क्वारंटीन के नाम पर होटलों में रखा जा रहा है और उनके ठहरने और खाने का खर्च उनसे ही वसूला जा रहा है, जबकि अन्य यात्रियों का खर्चा राज्य सरकार खुद वहन कर रही है।

याचिकाकर्ता की ओर से इस मामले में केंद्र और राज्य के साथ प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, नागरिक उड्डयन सचिव व देहरादून के जिलाधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सभी पक्षकारों को नौ जून तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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